- नटराज डांस एवं संगीत विद्यालय और स्वदेशी जागरण मंच, बैतूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ नंद उत्सव 2.0
बैतूल। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अटल सभागृह, जे.एच. कॉलेज में शनिवार को भक्ति, संगीत, नृत्य और अभिनय का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा सभागृह कृष्णमय हो उठा। नटराज डांस एवं संगीत विद्यालय और स्वदेशी जागरण मंच, बैतूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नंद उत्सव 2.0 में भव्य पौराणिक नृत्य-नाटिका एवं लाइव शो प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर राधा-कृष्ण की भक्ति, कंस वध और महाभारत के प्रसंगों को कलाकारों ने नृत्य, अभिनय, संगीत और भजनों के माध्यम से मंच पर जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में श्रेणिक जैन ने द्वारिकाधीश, यशवीर खादिकर ने श्रीकृष्ण, ओजस्व निरापूरे, विश्व खातरकर एवं रेवांश सोलंकी ने बाल कृष्ण तथा खुशांक वाइकर ने बाल सुदामा की भूमिका निभाई। रामविजय यादव ने वासुदेव, कर्ण एवं इंद्र देव, मधुबाला देशमुख ने देवकी, सूर्यदीप त्रिवेदी ने कंस एवं शकुनी, केदार बारोलिया ने अर्जुन एवं बलराम, मोहित पवार ने सुदामा एवं भीम, राजकुमार साहू ने दुर्योधन, भील एवं कालिया नाग, बालकराम यादव ने दुशासन एवं पहलवान, करण तायवाड़े ने विष्णु एवं युधिष्ठिर, अनिकेत चडोकर ने नकुल एवं सैनिक, देवीप्रसाद मालवी ने सहदेव एवं नारद जी, राकेश गावंडे ने भीष्म पितामह, पहलवान एवं अक्रूर जी तथा चरण लाल खातरकर ने नंद बाबा एवं धृतराष्ट्र की भूमिका प्रभावी ढंग से निभाई।
महिला कलाकारों में राखी तिवारी ने द्रौपदी, रत्नमाला खातरकर ने गांधारी, आर्या नागले ने रुक्मणी, सौंदर्या नागले ने सत्यभामा, रितिशा खडसे ने सुशीला एवं रुचिका पांसे ने राधा की भूमिका निभाई। समायरा मोटवानी, विद्या साहू एवं श्रुति बारस्कर ने गोपिकाओं के रूप में मनमोहक प्रस्तुति दी। कंचन नागले एवं किरण सोलंकी ने यशोदा, जबकि पूजा कचाहे एवं सरोज माकोड़े ने गोपिका एवं ब्रजवासी की भूमिका निभाई।
मिशिता बाकरे, पार्थवी गुजर, गार्गी गुजर, लाव्या पवार, अधीरा विश्वकर्मा, दिव्यांशी पचोरिया, ग्रीष्मा सोलंकी, युवांशी बत्रा, अविका सोनी, आरवी घानेकर, अन्विका साहू, अदित्री गुप्ता, रुचि खातरकर, स्वास्ति कचाहे, निष्ठा सोनी, रिधी साहू, लावण्या पचोरिया, यांशी साहू एवं वैदेही यादव ने कृष्णसखियों के रूप में आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। रामविजय यादव, प्रतिष्ठा भारद्वाज एवं सविता वाईकर की भजन एवं संगीत प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का निर्देशन शीतल निरापूरे, दुर्गेश निरापूरे एवं रत्नमाला खातरकर ने किया। आयोजन निलेश गिरी गोस्वामी एवं सहयोगी टीम के नेतृत्व में स्वदेशी जागरण मंच और नटराज डांस एवं संगीत विद्यालय द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में कलाकारों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्याम खातरकर एवं सविता खातरकर के विशेष सहयोग एवं समर्पण के लिए आयोजन समिति ने उनका आभार व्यक्त किया।
नटराज डांस एवं संगीत विद्यालय के प्रिंसिपल दुर्गेश निरापूरे ने कहा कि नंद उत्सव 2.0 का उद्देश्य बच्चों और कलाकारों को भारतीय संस्कृति तथा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जोड़ना है। ऐसे आयोजन युवा कलाकारों को प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर देते हैं। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले कलाकारों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, सहयोगियों और दर्शकों का आभार माना। कार्यक्रम के समापन पर राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से अटल सभागृह गूंज उठा और भव्य प्रस्तुतियों ने नंद उत्सव 2.0 को यादगार सांस्कृतिक संध्या बना दिया।