- सरकार और समाज की सहभागिता से शासकीय स्कूल बनेंगे आकर्षक और सर्वसुविधायुक्त : विधायक श्री खंडेलवाल
- जिले के 217 स्कूलों में अधोसंरचना विकास एवं उन्नयन कार्यों का शुभारंभ
बैतूल। शिक्षक दिवस के अवसर पर जिले के 217 शासकीय स्कूलों में अधोसंरचना विकास एवं उन्नयन कार्यों का शुभारंभ किया गया। शिक्षा संजीवनी अभियान के तहत शुरू किए जा रहे इन कार्यों में सरकार के साथ समाज, जनप्रतिनिधियों, सहयोगी संस्थाओं, पालकों एवं शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। अभियान का उद्देश्य शासकीय स्कूलों की अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ उन्हें आकर्षक, सुरक्षित एवं विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है। बैतूल विकासखंड में शिक्षा संजीवनी अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा एवं बैतूल विधायक श्री हेमन्त खंडेलवाल के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य श्री सुधाकर पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री हंसराज धुर्वे, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अभियान के तहत विधायक श्री हेमन्त खंडेलवाल ने एकीकृत माध्यमिक शाला बडोरा, माध्यमिक शाला कोसमी, माध्यमिक शाला जामठी एवं खेड़ी सांवलीगढ़ में अधोसंरचना विकास एवं उन्नयन कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मां सरस्वती एवं भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। साथ ही शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
शासकीय स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की अभिनव पहल
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासकीय स्कूलों में बुनियादी शिक्षा एवं सुविधाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में विधायक श्री हेमन्त खंडेलवाल द्वारा शिक्षा संजीवनी अभियान के रूप में अभिनव पहल की गई है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत योजनाबद्ध तरीके से शालाओं की आवश्यकताओं को चिन्हित कर अधोसंरचना का विकास किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मिल सके।
सरकार के साथ समाज की सहभागिता से बदलेंगे स्कूलों के स्वरूप
विधायक श्री हेमन्त खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए निरंतर नए आयाम स्थापित कर रही है। हमारा प्रयास है कि अधोसंरचना विकास के साथ समाज को भी शिक्षा के मंदिरों से जोड़ा जाए और शासकीय स्कूलों को आकर्षक एवं सुंदर स्वरूप दिया जाए। यही स्कूल 2047 के विकसित भारत का नेतृत्व करने वाली युवा शक्ति के निर्माण का आधार बनेंगे।
उन्होंने कहा कि पूर्व में शिक्षा व्यवस्था में समाज का सीधा जुड़ाव रहता था। समय के साथ यह जुड़ाव कम हुआ और स्कूल समाज की सीधी निगरानी से दूर होते गए। शिक्षा संजीवनी अभियान के माध्यम से सरकार और समाज की सहभागिता को फिर से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। जनसहभागिता से स्कूलों की कमियों को दूर करने, व्यवस्थाओं की निगरानी करने और आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज, पालक, सेवानिवृत्त शिक्षक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन एवं अन्य सहयोगी शिक्षा संजीवनी अभियान के तहत स्कूलों की आवश्यकताओं के अनुरूप निर्माण कार्य, डेस्क-बेंच, डिजिटल कक्षाएं, बाउंड्रीवाल सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों में आगे आकर योगदान दें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से किए गए कार्यों से न केवल सहयोगकर्ताओं का स्कूलों से जुड़ाव बढ़ेगा, बल्कि स्कूलों की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों के प्रति समाज की जिम्मेदारी एवं निगरानी भी मजबूत होगी।
217 स्कूलों में शुरू हुए विकास कार्य
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कहा कि जिले के लगभग 217 शासकीय स्कूलों में शिक्षा संजीवनी अभियान के तहत समाज को जोड़कर अधोसंरचना विकास एवं उन्नयन कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों के विकास के साथ शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए समाज की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस पहल की शुरुआत शिक्षकों के सम्मान के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से समयसीमा में शासकीय स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार कर विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाएगा।