- “नागपुर भुसावल मंडल के रेलवे अधिकारियों तथा मुंबई सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक के साथ केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने की महत्वपूर्ण बैठक, बैतूल संसदीय क्षेत्र में ट्रेन स्टॉपेज, नई रेल सेवाओं और लंबित कार्यों को लेकर अधिकारियों से मांगा जवाब”
बैतूल। बैतूल संसदीय क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार, यात्री ट्रेनों के स्टॉपेज, नई रेल सेवाओं के संचालन तथा लंबित रेलवे परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से भारत सरकार के जनजातीय कार्य विभाग के केंद्रीय राज्यमंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद श्री दुर्गादास उइके ने आज नागपुर मंडल के रेलवे अधिकारियों तथा सेंट्रल रेल के महाप्रबंधक तथा नागपुर एवं भुसावल रेल मंडल क्षेत्र के सांसद गणों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में सहभागिता की। बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री उइके ने कहा कि बैतूल संसदीय क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जनजातीय बहुल आबादी, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, मरीजों तथा आम यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव और नई रेल सेवाओं से जुड़े प्रस्तावों पर रेलवे अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। बैठक में दादाधाम एक्सप्रेस को पुनः प्रारंभ करने का मुद्दा केंद्रीय मंत्री एवं समस्त सांसदों द्वारा सबसे प्रमुखता से उठाया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड काल में बंद हुई नागपुर–भुसावल दादाधाम एक्सप्रेस को क्षेत्र की जनता की आवश्यकता को देखते हुए जल्द से जल्द पुनः प्रारंभ किया जाना चाहिए। इस संबंध में रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई तथा अधिकारियों ने बताया कि रेलवे बोर्ड से जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है और दादाधाम एक्सप्रेस का पुनः परिचालन प्रारंभ होगा। श्री उइके ने कहा कि इस ट्रेन के पुनः संचालन से बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने को कहा।
आमला में ट्रेन स्टॉपेज के साथ रोजगार के अवसरों पर जोर
आमला जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनों के स्टॉपेज का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से रखा गया। विशेष रूप से सुबह 7:40 बजे से दोपहर 2 बजे तक नागपुर दिशा में पर्याप्त ट्रेन सुविधा नहीं होने को देखते हुए 12968, 12970, 12976 और 20814 ट्रेनों को छह माह के ट्रायल बेस पर आमला में ठहराव देने का प्रस्ताव रखा गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ट्रायल स्टॉपेज के दौरान यात्री संख्या और रेलवे राजस्व का आकलन कर इसे स्थायी स्टॉपेज में बदलने की दिशा में निर्णय लिया जा सकता है। इसी प्रकार शाम के समय नागपुर दिशा में ट्रेन सुविधा बढ़ाने के लिए भी कई ट्रेनों के अस्थायी स्टॉपेज का प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में श्री उइके ने आमला में रेलवे की रिक्त पड़ी भूमि के बेहतर उपयोग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि रेलवे की खाली जमीन पर जल्द से जल्द रेल कारखाना अथवा रोजगार की दृष्टि से रेलवे विभाग का कोई उद्यम/स्थापना विकसित किया जाना चाहिए, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों और क्षेत्र के युवाओं को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि रेलवे की भूमि केवल खाली पड़ी रहने के बजाय उसका उपयोग क्षेत्र के विकास और रोजगार सृजन के लिए किया जाना चाहिए।
बैतूल स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग
बैठक में बैतूल रेलवे स्टेशन पर बीकानेर–बिलासपुर, हिमसागर, नवयुग, अमृत भारत, बनारस–रामेश्वरम सहित प्रमुख ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव की मांग रखी गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बैतूल संसदीय क्षेत्र जनजातीय बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों वाला क्षेत्र है। ऐसे में केवल टिकट बिक्री के आंकड़ों को आधार बनाकर ट्रेन स्टॉपेज तय करना उचित नहीं है। यात्रियों की सामाजिक-आर्थिक जरूरतों, चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार और व्यापारिक आवागमन को भी निर्णय का आधार बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही बैतूल स्टेशन पर आवश्यक टर्मिनल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर भविष्य में आमला से प्रारंभ अथवा समाप्त होने वाली मेमू ट्रेनों को बैतूल तक लाने की संभावना पर भी चर्चा हुई।
सदर और रामनगर अंडरब्रिज के कार्य को गति देने के निर्देश
बैतूल शहर में यातायात और नागरिक सुविधा से जुड़े सदर तथा रामनगर की ओर माचना अंडरब्रिज के मुद्दे को भी केंद्रीय मंत्री ने गंभीरता से उठाया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वीकृत प्रक्रिया को जल्द पूरा कर टेंडर एवं आगे की आवश्यक कार्रवाई में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में इन अंडरब्रिज से संबंधित कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगे की समयसीमा पर भी चर्चा की गई।
अमृत भारत स्टेशनों के निर्माण में देरी पर अधिकारियों को फटकार
बैठक में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बैतूल जिले में चल रहे रेलवे स्टेशन विकास कार्यों को लेकर केंद्रीय मंत्री श्री उइके ने अधिकारियों के समक्ष कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जिन स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है, वहां यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन निर्माण कार्यों की धीमी गति स्वीकार्य नहीं है। बैठक में बैतूल जिले के चार अमृत भारत स्टेशनों के कार्यों की धीमी प्रगति पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। श्री उइके ने अधिकारियों से प्रत्येक स्टेशन के कार्य की स्पष्ट समयसीमा मांगी और कहा कि निर्माण कार्य केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर समयबद्ध तरीके से दिखाई देने चाहिए। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता किए बिना कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। बैठक में बैतूल स्टेशन का बजट रिवाइज कर आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त एवं आधुनिक यात्री सुविधाएं जोड़ने का आग्रह भी किया गया। महानगरों के स्टेशनों की तर्ज पर बैतूल स्टेशन के विकास में भी आवश्यकता अनुसार बजट बढ़ाकर सुविधाओं का विस्तार करने की बात रखी गई।
घोड़ाडोंगरी, बरबतपुर और ढोढरामोहर में स्टॉपेज की मांग
घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में भी रेल सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण मांगें बैठक में रखी गईं। घोड़ाडोंगरी स्टेशन पर 12159/12160 तथा शताब्दी/जयपुर एक्सप्रेस के ठहराव की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री ने रेलवे से पीक और ऑफ-पीक समय अथवा वैकल्पिक समय-सारणी के आधार पर स्टॉपेज की संभावना तलाशने को कहा। इसके साथ ही बरबतपुर स्टेशन पर पेंचवेली पैसेंजर तथा अंडमान एक्सप्रेस के स्टॉपेज की मांग भी रखी गई। वहीं ढोढरामोहर स्टेशन पर पेंचवेली पैसेंजर के स्टॉपेज की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी प्रमुखता से अधिकारियों के सामने रखा गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव स्थानीय जनता के लिए महज सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा और व्यापार से जुड़ी आवश्यकता है। इसलिए ऐसे स्टेशनों के स्टॉपेज प्रस्तावों पर मानवीय और क्षेत्रीय जरूरतों को भी ध्यान में रखते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
मुलताई में जबलपुर–अमरावती एक्सप्रेस के अस्थायी स्टॉपेज का प्रस्ताव
मुलताई स्टेशन पर 12159/12160 जबलपुर–अमरावती एक्सप्रेस के ठहराव की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी चर्चा हुई। क्षेत्र में इस मांग को लेकर लोगों द्वारा आंदोलन किए जाने की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे परिचालन की बाध्यताओं के बावजूद इसका कोई वैकल्पिक समाधान तलाशा जाए। बैठक में छह माह के ट्रायल/अस्थायी स्टॉपेज का विकल्प रखा गया, जिसके दौरान यात्री संख्या एवं राजस्व का आकलन कर नियमित स्टॉपेज पर निर्णय लिया जा सकता है।
बैतूल–भोपाल सुबह मेमू और नागपुर–भोपाल इंटरसिटी की मांग
बैतूल से भोपाल के लिए सुबह के समय सीधी ट्रेन सुविधा की कमी को देखते हुए बैतूल से रानी कमलापति तक सुबह 7 बजे मेमू ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा गया। शाम 7 बजे रानी कमलापति से वापसी की व्यवस्था का सुझाव भी दिया गया। इससे विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी, मरीज और आम यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी।
इसी क्रम में नागपुर–भोपाल के बीच नई दिन-समय की इंटरसिटी एक्सप्रेस शुरू करने की मांग भी रखी गई, जिसका प्रस्तावित मार्ग नागपुर–काटोल–नरखेड़–पांढुर्णा–मुलताई–आमला–बैतूल–घोड़ाडोंगरी–बरबतपुर–इटारसी–नर्मदापुरम–बुधनी–औबेदुल्लागंज–रानी कमलापति–भोपाल रखा गया है।
अमरावती–मुंबई एक्सप्रेस का आमला तक विस्तार
बैठक में 12111/12112 अमरावती–मुंबई एक्सप्रेस को नरखेड़ के रास्ते आमला तक विस्तारित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। आमला स्टेशन पर ट्रेन के मेंटेनेंस की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए कहा गया कि ट्रेन के आमला तक विस्तार से बैतूल सहित आसपास के जिलों को मुंबई के लिए सीधा रेल संपर्क मिलेगा।
रेलवे की अन्य समस्याओं पर भी हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में रामनगर अंडरब्रिज संपर्क मार्ग, पटवारी कॉलोनी से रेलवे स्टेशन सड़क, कर्बला–कोसमी औद्योगिक क्षेत्र सड़क, घोड़ाडोंगरी एवं मुलताई फ्लाईओवर, छोटे स्टेशनों पर एटीवीएम मशीनें लगाने, प्लेटफॉर्म के समतलीकरण तथा रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए आधुनिक चिकित्सा जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने रेलवे अधिकारियों से कहा कि बैतूल संसदीय क्षेत्र की जनता की रेल संबंधी मांगों को केवल पत्राचार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक प्रस्ताव की प्रगति और उसके परिणाम की स्पष्ट जानकारी जनप्रतिनिधि एवं जनता को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पिछले वर्षों में रेलवे बोर्ड एवं मुख्यालय को भेजे गए विभिन्न ट्रेन स्टॉपेज संबंधी प्रस्तावों की भी विस्तृत जानकारी मांगी—किस ट्रेन के लिए कब पत्र भेजा गया, पत्र क्रमांक क्या था और रेलवे बोर्ड स्तर पर उस पर क्या कार्रवाई हुई।
क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई गति देने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेल कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। बैतूल जैसे जनजातीय बहुल क्षेत्र में रेल सुविधाओं का विस्तार शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन के अवसरों को सीधे प्रभावित करता है। बैठक में विशेष रूप से दादाधाम एक्सप्रेस को पुनः शुरू करने, प्रमुख ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ाने, आमला और अन्य स्टेशनों पर ट्रायल बेस स्टॉपेज देने तथा नई रेल सेवाएं प्रारंभ करने पर जोर दिया गया। रेलवे अधिकारियों की ओर से दादाधाम एक्सप्रेस के पुनः संचालन के प्रस्ताव पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई गई है। ऐसे में क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने कहा कि बैतूल संसदीय क्षेत्र की जनता को बेहतर रेल सुविधा दिलाने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और रेल सुविधाओं से जुड़े इन सभी विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।