- मेहनत और धैर्य से मिली सफलता, नाल्को, इसरो और एनपीसीआई में चयन
बैतूल। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आईटीआई बैतूल से इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक ट्रेड में दो वर्षीय प्रशिक्षण पूर्ण कर शुभम पुंडे ने अपनी मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रयासों से सफलता की नई मिसाल कायम की है। उनका चयन देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं एनपीसीआई तारापुर नाल्को और एचएफएससी इसरो में हुआ है। शुभम ने इनमें से एनपीसीआई तारापुर में कार्य करने का निर्णय लिया है।
शुभम ने बताया कि उनकी सफलता की यात्रा में शासकीय आईटीआई बैतूल के प्रशिक्षण अधिकारियों और शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्थान में प्रशिक्षण के दौरान मिले सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
आईटीआई की पढ़ाई पूरी करने के बाद शुभम ने बीएचईएल में प्रशिक्षु के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न शासकीय संस्थानों में रोजगार के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। इस दौरान उन्होंने कई परीक्षाएं दीं। इसरो, डीआरडीओ और ईसीएल जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की परीक्षाओं में वे सफल होकर कौशल परीक्षण तक पहुंचे। वहीं मध्यप्रदेश प्रशिक्षण अधिकारी की चयन प्रक्रिया में उनका नाम प्रतीक्षा सूची में 10वें स्थान पर रहा।
शुभम ने बताया कि कई अवसरों पर उनका चयन मेरिट में महज एक-दो अंकों के अंतर से रह गया। ऐसे समय में निराशा हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। प्रत्येक असफलता से सीख लेकर उन्होंने अपनी तैयारी को और मजबूत किया। उनका प्रेरणासूत्र रहा जो भी होता है, अच्छे के लिए ही होता है। लगातार मेहनत और धैर्य का परिणाम यह रहा कि अंततः उनका चयन एक नहीं, बल्कि कई प्रतिष्ठित संस्थाओं में हुआ। नाल्को, एचएफएससी-इसरो और एनपीसीआई तारापुर में अंतिम चयन होने के बाद उन्होंने एनपीसीआई तारापुर को अपनी नई कर्मभूमि के रूप में चुना है।
आईटीआई विद्यार्थियों को दिया सफलता का संदेश
शुभम ने आईटीआई कर रहे और आईटीआई पूर्ण कर चुके विद्यार्थियों से कहा कि आईटीआई केवल एक पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि करियर की मजबूत शुरुआत है। प्रतियोगिता के दौर में कई बार चयन कुछ अंकों से रह सकता है, लेकिन इससे निराश होने की जरूरत नहीं है। एक-दो अंकों से चयन नहीं होना क्षमता का अंत नहीं है। लक्ष्य पर विश्वास रखते हुए लगातार मेहनत और सही दिशा में प्रयास करते रहना चाहिए।