घोड़ाडोंगरी। जिला प्रशासन ने शनिवार को घोड़ाडोंगरी तहसील में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तहसीलदार स्तर पर जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। नायब तहसीलदार श्रीमती महिमा मिश्रा को प्रभारी तहसीलदार घोड़ाडोंगरी के प्रभार से हटाते हुए टप्पा झल्लार (तहसील भैंसदेही) में पदस्थ किया गया है। वहीं, श्री संतोष पथोरिया, जो वर्तमान में टप्पा सारनी, तहसील घोड़ाडोंगरी में प्रभारी नायब तहसीलदार हैं, उन्हें प्रभारी तहसीलदार घोड़ाडोंगरी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। अब वह दोनों स्थानों की जिम्मेदारी निभाएंगे। इधर, श्री भगवानदास कुमरे को टप्पा झल्लार के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। वित्तीय व्यवस्था को देखते हुए तहसीलदार शाहपुर को अब घोड़ाडोंगरी तहसील के आहरण और संवितरण का कार्य भी सौंपा गया है। प्रशासनिक आदेश के अनुसार महिमा मिश्रा को 7 जून को एकतरफा भारमुक्त कर दिया गया है और उन्हें उसी दिन अपने नए कार्यस्थल पर जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घोड़ाडोंगरी तहसील में शनिवार 7 जून को एक चौंकाने वाला प्रशासनिक आदेश जारी हुआ, जिसमें वर्तमान तहसीलदार श्रीमती महिमा मिश्रा का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया गया। खास बात यह रही कि यह आदेश सरकारी अवकाश के दिन जारी हुआ, जिससे यह तबादला आम जनता और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 से घोड़ाडोंगरी तहसील में पदस्थ प्रभारी तहसीलदार महिमा मिश्रा ने अपने कार्यकाल में सख्त प्रशासनिक अनुशासन और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। उनके कार्यकाल में तहसील में दलालों और राजनीतिक हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं थी। जिससे क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोग नाराज़ चल रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, कुछ नेता एवं दलाल अपने निजी हितों के लिए प्रशासनिक कार्यों में दखल देना चाहते थे, लेकिन तहसीलदार महिमा मिश्रा ने नियमों से समझौता करने से साफ इंकार कर दिया। बताया जा रहा है कि कई बार कुछ लोग खुद को वरिष्ठ अधिकारियों का रिश्तेदार बताकर अनुचित दबाव भी बनाते रहे, लेकिन मिश्रा अपने सिद्धांतों पर अडिग रहीं।
महिमा मिश्रा की छवि एक ईमानदार, कर्मठ और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में रही है। अब तक उनके ऊपर कभी किसी भी प्रकार का आर्थिक या प्रशासनिक भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। क्षेत्र के आम नागरिकों में उनकी कार्यप्रणाली को लेकर सम्मान का भाव रहा।
तहसील से अचानक उनका स्थानांतरण, वह भी छुट्टी के दिन, इस बात की ओर इशारा करता है कि कहीं न कहीं किसी स्वार्थ के लिए प्रशासनिक दबाव बनाया गया हो। इससे यह आशंका भी जन्म ले रही है कि आने वाले दिनों में तहसील में फिर से गलत कामों और दलाली को बढ़ावा मिल सकता है पर इन बातों को भी नकारा जा सकता है क्योंकि प्रभारी तहसीलदार संतोष पथरिया भी ईमानदार, कर्मठ और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में साफ सुथरी छवि रखते हैं उनके अब तक सारनी ठप्पा तहसील के कार्यकाल में कोई भी आरोप उन पर नहीं लगे हैं उनकी कार्यप्रणाली को भी लेकर सम्मान का भाव लोगो में जिससे गलत कामों को बढ़ावा नहीं मिल पाएगा