20 राजनीतिक दलों द्वारा प्रशांत भूषण का समर्थन किया जाना फासीवाद से लड़ने के लिए आवश्यक कदम – डॉ. मोदी

Estimated read time 1 min read

सारनी। इंडियन माइन वर्कर्स फेडरेशन (एटक) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, एडवोकेट. डॉ कृष्णा मोदी ने स्वतः संज्ञान लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं संवैधानिक मूल्यों के योद्धा प्रशांत भूषण पर अवमानना का मुकदमा चलाकर रातों-रात उन्हें दोषी करार दिए जाने तथा अटॉर्नी जनरल के. वेणुगोपाल द्वारा सजा नहीं दिए जाने का अनुरोध करने के बावजूद, माफ़ी मांगने का दवाब बनाने तथा उन्हें दंडित करने के सर्वोच्च न्यायालय के जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच द्वारा दंडित किए जाने पर अड़ने पर आश्चर्य, दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे देशवासियों की नजरों में सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान घटेगा है। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है कि सर्वोच्च न्यायालय प्रशांत भूषण को कोई दण्ड ना देकर अपनी गलती में सुधार कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वयं जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा है कि उन्होंने जीवन में कभी किसी पर अवमानना का मुकदमा नहीं चलाया। जिससे साफ होता है कि वे पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।
देश के सभी वामपंथी एवं लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले दलों द्वारा प्रशांत भूषण का समर्थन किए जाने का स्वागत करते हुए उन्होंने इसे फासीवाद से लड़ने के लिए आवश्यक कदम बताया। श्री मोदी ने कहा कि कोरोना काल को नरेंद्र मोदी और भारत सरकार द्वारा किसानों, मजदूरों के खिलाफ कानून बनाने और लोकतंत्रवादियों और मानव अधिकार वादियों पर फर्जी मुकदमे बनाकर जेल में डालने के लिए इतिहास उन्हें याद करेगा। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा के लिए वे हर कुर्बानी देने को तैयार है।

More From Author

+ There are no comments

Add yours