सारणी। मध्य प्रदेश विधुत मण्डल अभियन्ता संघ द्वारा सात सूत्रीय मांगो को लेकर जून महीने में किए गए आंदोलन के फलस्वरूप न्यायसंगत मांगों को निश्चित समय सीमा में निराकरण करने का आश्वासन ऊर्जा विभाग द्वारा दिया गया था, जिनका आज दिनांक तक निराकरण नहीं किया गया है एवं अभियंता संघ के निरंतर अनुरोध के बावजूद ऊर्जा विवाद द्वारा चर्चा हेतु समय नहीं दिया जा रहा है । जिसके कारण संघ द्वारा 10 जुलाई से किए जाने वाले तीन दिवसीय स्थगित आंदोलन को पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। तीन दिवसीय आंदोलन;  25 सितंबर को रात 12 बजे से विद्युत कर्मियो के मोबाइल बंद रहेंगे, 26 सितंबर को सभी विद्युत कर्मी वर्क टू रूल के तहत कार्य करते हुए शाम 6 बजे मुख्यालय स्तर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एवं धरना प्रदर्शन करेंगे तथा 27 सितंबर को सभी विद्युत कर्मी एक दिवसीय संपूर्ण कार्य बहिष्कार करेगे, मांगों के निराकरण न होने पर 4 अक्टूबर से मध्य प्रदेश की सभी 6 विद्युत कंपनियों के समस्त विद्युत कार्मिक अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार करेंगे।  अभियन्ता संघ की प्रमुख साथ मांगे निम्न प्रकार है :
जिसमे ऊर्जा विभाग की उत्तरवर्ती कंपनियो में निजीकरण नही किया जाए। सातवें वेतनमान कि संरचना में विद्युत कंपनियों द्वारा परीलिक्षित ओ3 स्टार कॉलम को तत्काल विलोपित कर पे बैंड 4 का वेतनमान समान रूप से प्रदान किया जाए। राज्य विधुत मण्डल के कर्मियों की पेंशन ट्रेजरी से दिया जाए एवं 2006 के उपरांत नियुक्त किए गए कार्मिकों को ओल्ड पेंशन प्रदान की जाए, संविदा कर्मियों की सेवा शर्ते सुरक्षित की जाए,आउट सोर्स कर्मियों की सेवा सुरक्षित कर दुर्घटना बीमा 20 लाख तक प्रदान किया जाए, कर्मचारियों की सभी वेतन विसंगति दूर की जाए संघठनत्मक संरचना ओ.एस. का जल्द से जल्द निर्धारण किया जाए।

By Vishal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *