• 31 करोड़ की लागत से बनने वाले रेल्वे ओवर ब्रिज की मिली स्वीकृति टेंडर हुए जारी
  • पूर्व संसदीय सचिव रामजीलाल उइके का जुझारूपन एक बार फिर आया सामने

घोड़ाडोंगरी। घोड़ाडोंगरी नगर के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक और बड़ी सौगात दी है।
और ये सौगात सिर्फ घोड़ाडोंगरी ही नही अपितु सारणी बगडोना ,सहित सैकड़ों ग्रामो में निवास करने वाले हजारों लोगों के लिए बहुत बड़ी सौगात है। घोड़ाडोंगरी से निकलने वाली में मेन रेल्वे लाइन जो उत्तर भारत से दक्षिण भारत को जोड़ती है यहां से दिन भर में कई ट्रेन का आवागमन होता है कभी- कभी एक साथ 2 से 3 ट्रेन निकलती है इसी रूट में घोड़ाडोंगरी नगर के अंदर रेल्वे क्रॉसिंग है जो ट्रेनों के आवागमन के कारण बार बार बन्द होता है और कभी कभी सारणी की तरफ जाने वाली मालगाड़ी की यदि हलटिंग होती है। तो 30 मिनिट से 45 मिनिट तक भी रेल्वे गेट बन्द होने से सेकड़ो वाहन रेल्वे गेट में फंसे रहते थे और घोड़ाडोंगरी में ब्लॉक मुख्यालय का शासकीय अस्पताल होने के कारण उपचार कराने बड़ी संख्या में मरीज भी आते है और साथ मे डिलवरी के इमरजेंसी केस बड़ी संख्या में घोड़ाडोंगरी आते है। लेकिन कभी कभी एक्सीडेंट के गम्भीर मरीज भी यदि एम्बुलेंस से या निज वाहन से भी अस्पताल आये लेकिन रेल्वे गेट बन्द मिले तो उनकी भी जान पर बन आती थी। इन सब समस्याओं को लेकर घोड़ाडोंगरी के जनता एवम भाजपा नेताओं ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज के सामने पूर्व संसदीय सचिव रामजीलाल उइके के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से तहसील ,नगर परिषद ,फोरलेन अस्पताल भवन ,कॉलेज की मांग की थी।प्रदेश के मुखिया ने गुरुजी के अपनत्व को समझ के पूरी मांगे एक के बाद एक मान कर पूरी कर दी थी। तहसील की घोषणा के बाद बरेठा सारणी रोड बनते बनते गुरुजी की मांग पर नगर के।अंदर फोर लेन स्वीकृति दे दी तत्पश्चात नगर परिषद बनाये जाने की भी घोषणा कर नगर परिषद का दर्जा दे दिया ये क्रम यही नही रुका जब घोड़ाडोंगरी में अस्पताल के लिए सुसज्जित नए भवन की स्वीकृति मिली तब नगर में जमीन नही थी गुरुजी के प्रयास से तत्कालीन प्रभारी मंत्री लालसिंग आर्य ने घोड़ाडोंगरी में गुरुजी के निवास में ही जमीन उपलब्ध करवाने की घोषणा के साथ नगर के अंदर वन विभाग की जमीन पर भव्य अस्पताल आज लोगो को सौगात के रूप में मिली इसी क्रम में जब शासकीय कॉलेज की बात हुई मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार्य करते हुए कॉलेज की सौगात क्षेत्र वासियों को दी और जब इसमे भी भवन के लिए जमीन कि परेशानी आई तो गुरुजी पूर्व संसदीय सचिव रामजीलाल उइके ने अपनी करोड़ो की जमीन कॉलेज को दान दे दी और आज घोड़ाडोंगरी में कॉलेज के भव्य भवन में कॉलेज लग रहा है।
अब जब शनिवार न्यूज़ पेपर में ओवर ब्रिज के टेंडर लगने विज्ञप्ति लोगो ने अखबार में देखी तो सुबह से लोगो का तांता गुरुजी के घर बधाई देने वालो का लग गया क्योंकि सभी की जानकारी में है कि जब से मुख्यमंत्री ने ओवर ब्रिज बनाये जाने की घोषणा की थी तब से महीनों बीतने के बाद राज्य सरकार के बजट के कारण ओवर ब्रिज खटाई में पड़ता दिख रहा था क्योंकि ये ओवर ब्रिज रेल्वे और मध्यप्रदेश सरकार के फंड से बनाना था रेल्वे तो अपना फंड देने को तैयार था लेकिन मध्यप्रदेश सरकार में बजट की दिक्कत आ रही थी तब इस बार भी रामजीलाल गुरुजी ने हर बार की तरह मोर्चा सम्हलाकर बैतूल से लेकर भोपाल तक भागदौड़ कर ओवर ब्रिज को पिछले वर्ष गजट में शामिल करवाने में सफलता प्राप्त की इस मामले में गुरुजी ने समय समय पर बैतूल हरदा लोकसभा के सांसद दुर्गादास उइके के संज्ञान में भी ये बात बार बार लाकर रेल्वे की बैठकों में भी और पत्राचार कर इस काम मे ठोस प्रयास किये।
आज जब नगर और क्षेत्र वासियों को रेल्वे क्रॉसिंग में रेल्वे ओवर ब्रिज की सौगात मिली तो लोग मुक्तकंठ से गुरुजी की तारीफ करते नही थक रहे और क्षेत्र के प्रति उनके जुझारूपन की तारीफ करते नजर आ रहे है।
अब जब हमने इस मुद्दे में उनसे बात की तो उनका कहना है कि अभी ये विकास कार्य यही नही रुका मुख्यमंत्री शिवराज जी ,सांसद डीडी उइके ,जिला संगठन के साथ हम अभी और प्रयास में लगे है कि इस क्षेत्र में किसान की उन्नति के लिए विशेष प्रयास कर कृषि मंडी खोला जाय अभी हम।तेजी से उस तरफ प्रयास में लगें हुए है और ये सौगात सिर्फ घोड़ाडोंगरी ही नही अपितु सारणी बगडोना सहित सैकड़ों ग्रामो में निवास करने वाले हजारों लोगों के लिए बहुत बड़ी सौगात है। घोड़ाडोंगरी से निकलने वाली में मेन रेल्वे लाइन जो उत्तर भारत से दक्षिण भारत को जोड़ती है यहां से दिन भर में कई ट्रेन का आवागमन होता है कभी कभी एक साथ 2 से 3 ट्रेन निकलती है इसी रूट में घोड़ाडोंगरी नगर के अंदर रेल्वे क्रॉसिंग है जो ट्रेनों के आवागमन के कारण बार बार बन्द होता है और कभी कभी सारणी की तरफ जाने वाली मालगाड़ी की यदि हलटिंग होती है तो 30 मिनिट से 45 मिनिट तक भी रेल्वे गेट बन्द होने से सेकड़ो वाहन रेल्वे गेट में फंसे रहते थे और घोड़ाडोंगरी में ब्लॉक मुख्यालय का शासकीय अस्पताल होने के कारण उपचार कराने बड़ी संख्या में मरीज भी आते है और साथ मे डिलवरी के इमरजेंसी केस बड़ी संख्या में घोड़ाडोंगरी आते है लेकिन कभी कभी एक्सीडेंट के गम्भीर मरीज भी यदि एम्बुलेंस से या निज वाहन से भी अस्पताल आये लेकिन रेल्वे गेट बन्द मिले तो उनकी भी जान पर बन आती थी।
इन सब समस्याओं को लेकर घोड़ाडोंगरी के जनता एवम भाजपा नेताओं ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज के सामने पूर्व संसदीय सचिव रामजीलाल उइके के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से तहसील, नगर परिषद, फोरलेन अस्पताल भवन ,कॉलेज की मांग की थी।
प्रदेश के मुखिया ने गुरुजी के अपनत्व को समझ के पूरी मांगे एक के बाद एक मान कर पूरी कर दी थी। तहसील की घोषणा के बाद बरेठा सारणी रोड बनते बनते गुरुजी की मांग पर नगर के। अंदर फोर लेन स्वीकृति दे दी तत्पश्चात नगर परिषद बनाये जाने की भी घोषणा कर नगर परिषद का दर्जा दे दिया ये क्रम यही नही रुका जब घोड़ाडोंगरी में अस्पताल के लिए सुसज्जित नए भवन की स्वीकृति मिली तब नगर में जमीन नही थी। गुरुजी के प्रयास से तत्कालीन प्रभारी मंत्री लालसिंग आर्य ने घोड़ाडोंगरी में गुरुजी के निवास में ही जमीन उपलब्ध करवाने की घोषणा के साथ नगर के अंदर वन विभाग की जमीन पर भव्य अस्पताल आज लोगो को सौगात के रूप में मिली इसी क्रम में जब शासकीय कॉलेज की बात हुई मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार्य करते हुए कॉलेज की सौगात क्षेत्र वासियों को दी और जब इसमे भी भवन के लिए जमीन कि परेशानी आई तो गुरुजी पूर्व संसदीय सचिव रामजीलाल उइके ने अपनी करोड़ो की जमीन कॉलेज को दान दे दी और आज घोड़ाडोंगरी में कॉलेज के भव्य भवन में कॉलेज लग रहा है।
अब जब शनिवार न्यूज़ पेपर में ओवर ब्रिज के टेंडर लगने विज्ञप्ति लोगो ने अखबार में देखी तो सुबह से लोगो का तांता गुरुजी के घर बधाई देने वालो का लग गया क्योंकि सभी की जानकारी में है कि जब से मुख्यमंत्री ने ओवर ब्रिज बनाये जाने की घोषणा की थी तब से महीनों बीतने के बाद राज्य सरकार के बजट के कारण ओवर ब्रिज खटाई में पड़ता दिख रहा था क्योंकि ये ओवर ब्रिज रेल्वे और मध्यप्रदेश सरकार के फंड से बनाना था रेल्वे तो अपना फंड देने को तैयार था लेकिन मध्यप्रदेश सरकार में बजट की दिक्कत आ रही थी तब इस बार भी रामजीलाल गुरुजी ने हर बार की तरह मोर्चा सम्हलाकर बैतूल से लेकर भोपाल तक भागदौड़ कर ओवर ब्रिज को पिछले वर्ष गजट में शामिल करवाने में सफलता प्राप्त की इस मामले में गुरुजी ने समय समय पर बैतूल हरदा लोकसभा के सांसद दुर्गादास उइके के संज्ञान में भी ये बात बार बार लाकर रेल्वे की बैठकों में भी और पत्राचार कर इस काम मे ठोस प्रयास किये।
आज जब नगर और क्षेत्र वासियों को रेल्वे क्रॉसिंग में रेल्वे ओवर ब्रिज की सौगात मिली तो लोग मुक्तकंठ से गुरुजी की तारीफ करते नही थक रहे और क्षेत्र के प्रति उनके जुझारूपन की तारीफ करते नजर आ रहे है।
अब जब हमने इस मुद्दे में उनसे बात की तो उनका कहना है कि अभी ये विकास कार्य यही नही रुका मुख्यमंत्री शिवराज जी, सांसद डीडी उइके ,जिला संगठन के साथ हम अभी और प्रयास में लगे है कि इस क्षेत्र में किसान की उन्नति के लिए विशेष प्रयास कर कृषि मंडी खोला जाय अभी हम। तेजी से उस तरफ प्रयास में लगें हुए है।

By Vishal

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