
सारनी। सतपुड़ा ताप गृह के स्क्रैप कांड में अब तक सीएचपी प्रभारी पर मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी द्वारा कार्रवाई नहीं की है जबकि लगभग सभी अधिनस्थ अधिकारी कर्मियों पर कंपनी द्वारा निलंबन और स्थानांतरण की कार्रवाई कर दी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सीएचपी प्रभारी एसएन सिंह को बचाने एमडी मंजीत सिंह क्यों तालामटोली कर रहे हैं। पावर हाउस सामने के जानकार बताते हैं कि मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी के एमडी मंजीत सिंह और कोल हैंडलिंग प्लांट के प्रभारी एसएन सिंह एक ही बैच के हैं। इसीलिए एमडी सीएचपी प्रभारी को बचाने हर संभव कोशिश कर रहे हैं। ऐसा इसीलिए कहा जा रहा है क्योंकि जांच उपरांत मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी द्वारा 6 बिजली कर्मियों को जहां सस्पेंड कर दिया है। वहीं चार अधिकारियों का सतपुड़ा ताप ग्रह से अन्यत्र स्थान पर स्थानांतरण कर दिया है। लेकिन इन सबके बावजूद सीएचपी प्रभारी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यही वजह है कि सतपुड़ा ताप ग्रह के अधिकारी, कर्मचारियों में यह विषय चर्चा का बन गया है। प्रमुख सचिव ऊर्जा यदि इस मामले को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं तो निश्चित ही इसका सकारात्मक संदेश अधिकारी, कर्मचारियों में जाएगा। गौरतलब है कि पीएचपी प्रभारी पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर जब एमडी मंजीत सिंह से चर्चा की तो उन्होंने कहा कंपनी में 40% आदमी की कमी है। मुझे कंपनी चलाना है। मुझे क्या करना है। मैं जानता हूं। इस तरह के विचार व्यक्त कर कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया। किसी से स्पष्ट हो गया कि एमडी सीएचपी प्रभारी के करीब है।