आमला। ग्राम पंचायत बोरदेही एवं मुख्यमंत्री हाट बाजार से निर्मित 9 दुकानों की नीलामी की राशि पर्यंत जमा नहीं की गई। लगभग तीन से राशि जमा नहीं होने के बाद भी न तो नीलामी को निरस्त किया गया और न ही नीलामी में भाग लेने वालों पर कार्रवाही की गई। इससे तात्कालीन सरपंच-सचिव पर गड़बड़ी के आरोप तक दुकानों की नीलामी निरस्त कर दुकानों की नीलामी में गड़बड़ी के आरोप नागरिकों ने लगाए है।सरपंच-सचिवों ने नियमों को ताक पर रखकर दुकानों का संचालन लग रहे है, जबकि नियमानुसार अब वाली के 15000 हजार जमा करना था 21000 एवं बाजार चौक पंचायत था। इसके लिए 1000 के स्टॉम्प पर किया गया। लेकिन बोलीदारों ने आज तक दरअसल, ग्राम पंचायत बोरदेही में जमा ही नही किये।
दुकानों की नीलामी हुई थी की नीलामी हुई। बोलीदारों ने अमानत राशि और किराया जमा नहीं किया है। उनके विरूद्ध नियमानुसार दुकानों की नीलामी निरस्त करनी चाहिए।
बताया जाता है कि तत्कालीन सरपंच-सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर दुकानों की नीलामी कर दी। 15 अगस्त को आयोजित ग्राम सभा में जब यह मुद्दा उठा तब हकीकत सामने आई कि बोलीदारों ने अब तक नीलामी की राशि जमा तक नहीं की। इधर, ग्राम सभा में सामने आई थी हकीकत में राशि जमा नहीं होने के बाद भी दुकानदारों से दुकानें खाली नहीं कराई गई और न ही वैधानिक कार्रवाई की गई। इसकी शिकायत संदीप वाईकर ने कलेक्टर से की गई है। वाईकर ने बताया कि सरपंच-सचिव ने यह मामला विगत कई वर्षों से दबाकर रखा था।
-ग्राम सभा में दुकानों की नाम का दुकानाने आया है। दुकानदारों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद जो भी अनुसार नीलामी नहीं की। इसके की नीलामी और बोलीदारों ने राशि नियमानुसार होगा, कार्रवाई होगी।
अलावा प्रत्येक दुकानदार को दोबारा प्रक्रिया की जानी चाहिए थी। एग्रीमेन्ट (अनुबंध) भी होना था, आरक्षण का भी नहीं रखा प्रतिमाह अपना किराया अग्रिम रूप नीलामी प्रक्रिया को दोबारा कराने नत्थु नागले, को कहा गया की दुकानों की नीलामी में से निश्चित तारीख में जमा करना है। जमा नहीं करने की स्थिति में की मांग की है।
मुख्यमंत्री हाट बाजार से 9 दुकानों निर्धारित राशि जमा नहीं की गई जबकि आरक्षण को भी दरकिनार गया। जिन दुकानदारों ने राशि दुकानदारों से वसूली का निर्माण कराया था। वाईकर का कहना है, आरक्षण के मुताबिक दुकानों को नीलामी में जिन नियमों को बनाया जाना चाहिए और दुकानों को दोबारा होनी चाहिए और जो भी दोषी है, उन के रूप में हाट बाजार वाली के नीलामी निरस्त हुई। इससे साफ नीलाम करना था, लेकिन तत्कालीन गया, उसका भी पालन नहीं हुआ। नीलाम किया जाना चाहिए। साथ ही पर नियमानुसार कार्रवाही की मांग कर रहे है। पंचायत के तात्कालीन सरपंच-सचिव ने आरक्षण नियमो की अनदेखी कर गलत नीलामी की दुकानों दुकानों में हुई तोड़फोड़ की ग्रामीणों ने मरम्मत की है।

By Vishal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *