- लोकार्पण के अभाव में उन्नयन भी अटका, खतरा उठा कर जुआड़ी जाते बच्चे
- स्कूल का नया भवन लंबे समय से तैयार है पर नहीं किया जा रहा लोकार्पण
रानीपुर। एक ओर कई स्कूलों के लिए नए भवन नहीं बन पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रानीपुर में स्कूल का नया भवन तैयार है करोड़ों रुपए की लागत खर्च कर पर उसका लोकार्पण कर उसमें कक्षाएं नहीं लगाई जा रही है। ऐसे में बच्चे पुराने जर्जर भवन में मुसीबत उठाकर पढ़ाई करने मजबूर है। लोकार्पण के अभाव में स्कूल के उन्नयन का मामला भी अटका है। इसके चलते बच्चों को तमाम खतरे उठाकर दूसरे गांव में पढ़ने के लिए जाना पड़ रहा है।
रानीपुर में शासकीय हाई स्कूल खुले सालों बीत जाने के बाद भी हायर सेकंडरी में उन्नयन नहीं हो पाया है। हायर सेकेंडरी स्कूल न होने की से क्षेत्र के दर्जनों गांवों रानीपुर, कुही, हीरावाड़ी, मयावानी, आमढाना, चारगांव, अनकावाडी, लोहरढाना सहित आसपास के अन्य गांवों के छात्र-छात्राओं को राजमार्ग के रास्ते साइकिल व अन्य माध्यम से लगभग 8-10 किमी दूर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल जुवाड़ी पढ़ने जाना होता है।
चूंकि अधिक दूरी व हाईवे पर अत्याधिक आवागमन होने से पालकों व छात्र-छात्राओं में दुर्घटनाओं का डर बना रहता है। ऐसे में शासकीय हाई स्कूल रानीपुर का ग्रामीणों द्वारा हायर सेकंडरी में उन्नयन करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। ग्रामीणों ने शीघ्र ही सांसद-विधायक से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के पूर्व इस स्कूल के उन्नयन की मांग की थी पर नया शिक्षा सत्र प्रारंभ हो गया। ना तो स्कूल का लोकार्पण हुआ और ना ही स्कूल का उन्नयन अब ऐसे में पुराने और जर्जर हो चुके भवन में ही कक्षा लग रही दो शिफ्टों में कक्षाएं।
गौरतलब है कि रानीपुर में लाखों रुपए की लागत से स्कूल बिल्डिंग बन कर तैयार है, लेकिन लंबे समय बाद भी अब तक उसका लोकार्पण नहीं हो सका है। इसके चलते पुरानी बिल्डिंग में बच्चे पढ़ रहे हैं। बच्चों की मजबूरी यह है कि उन्हें रानीपुर प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल की पुरानी और जर्जर हो चुकी बिल्डिंग में पढ़ने को विवश होना पड़ रहा है।
माध्यमिक स्कूल में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 8 तक 139 बच्चे अध्ययन करते हैं वहीं शासकीय हाई स्कूल में नौवीं और दसवीं में 274 बच्चे अध्ययनरत है। इस तरह कक्षा 6 से लेकर कक्षा 10 तक यहां 413 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। पर्याप्त कक्ष नहीं होने से दो शिफ्ट में स्कूल लग रहा है। कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के बच्चों को की कक्षाएं सुबह 7.30 से 12.30 बजे तक और कक्षा 9 और 10 के बच्चों की पढ़ाई दोपहर 12.00 से 4.30 बजे तक होती हैं।
ग्रामीण मुकेश कहार, अशोक मुखड़े, अशोक साहू वीरेंद्र मालवीय नवीन मालवीय विनय कहार, महेश वर्मा ने बताया कि बाहर से देखने में बिल्डिंग कंप्लीट लगती है और बस लोकार्पण का इंतजार है। यदि शीघ्र ही इस बिल्डिंग का लोकार्पण हो जाता है तो बच्चों को अध्ययन करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। अब ग्रामीण पालकों ने बिल्डिंग के लोकार्पण और हाईस्कूल उन्नयन करने की मांग क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी बिल्डिंग बिल्डिंग दो की हालत जर्जर हो चुकी है बारिश के दिन में टपकने लगती है ऐसे में ही बच्चों को मजबूरी में विवश होकर कक्षाओं में बैठना पड़ रहा है निकलते ही ठंड के दिन की शुरुआत हो जाएगी पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बच्चों को ठंड के दिनों मेंखुले प्रांगण में बैठकर पढ़ाई करना पड़ता है।