• कई दवाओं सहित शुगर स्ट्रिप 6 माह से नही

आमला। नगर का सामुदायिक स्वास्थ केंद्र को शासन से भले ही सिविल अस्पताल का दर्जा प्राप्त हो गया है लेकिन अस्पताल में मरीजो सहित उनके परिजन को अभी भी परेशान ही होना पड़ रहा है सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में कई रोगों की आवश्यक दवाओं का टोटा है और पिछले 6 माह से जीवन रक्षक शुगर स्ट्रिप उपलब्ध नही है इसके अलावा कई मर्तबा मरीजो के उपचार हेतु आवश्यक दवाइया व इंजेक्शन बाहर मेडिकल स्टोरों से खरीदकर लाना पड़ता है ।
नगर के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र उपाध्याय ने बताया अस्पताल के हाल बेहाल है मरीजो के लिए आवश्यक दवाइयों सहित शुगर जाच स्ट्रीक 6 माह से नही है गरीब और आम लोगों उपचार हेतु परेशान होना पड़ता है ।बड़े बड़े दावे करने वाले जनप्रतिनिधियों का भी इस ओर कोई ध्यान नही है और विपक्ष के नेता भी स्वास्थ सुविधाओ की बेहतरी के लिए ना कोई आंदोलन करने को तैयार नही है।
साढ़े 5 करोड़ की लागत से सिविल अस्पताल निर्माण कार्य पूर्ण
गौरतलब होगा की नगर के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र परिसर से लगकर साढ़े 5 करोड़ का सिविल अस्पताल भवन का निर्माण भी लगभग पूर्ण हो चुका है लेकिन अस्पताल में सुविधाओं का आज भी टोटा है ।गर्भवती महिलाओं को प्रसव हेतु लाया जाता है तो परिजन एम्बुलेंस व अन्य वाहनों की सेवा पाने परेशान होते है ।अधिवक्ता राजेन्द्र उपाध्याय ने बताया मरीजो को समय पर एम्बुलेंस का लाभ नही मिल पाता मरीजो के परिजनों को राशि खर्च कर अस्पताल आना पड़ता है रात्रि में दूरदराज से आने वाले मरीजो को काफी परेशानी होती है बार बार काल करने पर एम्बुलेंस नही मिलती ।
इलाज और दवाइयों के नाम पर रुपयों की होती है मांग
अस्पताल की व्यवस्थाए चरमरा गई है अक्सर कई बार अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर गम्भीर आरोप भी लगे है पिछले कुछ दिनों पूर्व अस्पताल के ड्रेसर द्वारा मरीज से हजारों रुपयों की वसूली इलाज और दवाओं के नाम पर हो चुकी है सीएमएचओ द्वारा शिकायत की जाच में मामला सही पाए जाने पर ड्रेसर को तत्काल हटाया भी गया है। उल्लेखनीय होगा की अस्पताल में समय सारणी का भी पालन नही होता है कई बार समय पर जिम्मेदार डॉक्टर व स्टाफ नदारद रहता है।

By Vishal

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