• उप सचिव ने वित्त वर्ष में ऊंचाई बढ़ाने का दिया आश्वासन

बैतूल। बैतूल जिले के ताप्ती नदी पर स्वीकृत मेंढा जलाशय  की ऊंचाई कम कर देने के कारण भैसदेही एवं भीमपुर ब्लॉक खंडो के आदिवासी किसानों को सिंचाई के कार्य में खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है,इसको लेकर आमला विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करके मेंढा जलाशय की ऊंचाई 1.8 मीटर बढ़ाने की मांग की है।आमला विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने हमारे प्रतिनिधि को बताया कि भाजपा के पिछले कार्यकाल में बैतूल जिले के अंतर्गत ताप्ती नदी पर मेंढा जलाशय स्वीकृत किया था जिसके माध्यम से जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में लगभग 8500 हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई रूपांतरित की इससे लगभग 20 हजार 995 एकड़ का यह जलाशय बनता और इससे किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होता लेकिन 15 माह के कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान मेंढा जलाशय की ऊंचाई को कम कर दिया गया इसकी सिंचाई क्षमता घटाकर 8500 हेक्टेयर के बजाय 5500 हेक्टेयर यानी कि 13 हजार 585 एकड़ के क्षेत्रफल में कर देने के कारण आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के किसानों को खासा नुकसान होता दिखाई दे रहा है। जिसकी वजह से 7410 एकड़ का क्षेत्रफल कम हो जाएगा जिससे सिंचाई का रकबा भी कम होगा मेंढा जलाशय की ऊंचाई बढ़ाने से डूब का रकबा नहीं बढ़ेगा विधायक श्री पंडाग्रे ने बताया कि जलाशय का जो न्यू तैयार किया गया है वह बेहद मजबूत है उसके बेस पर 1.8 मीटर इसकी ऊंचाई बढ़ाई जा सकती है जिससे किसी भी तरह का नुकसान मेंढा जलाशय को नहीं होगा। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के बाद आमला विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे के माध्यम से उपसचिव व्ही.एस.टेकाम से भी मुलाकात करके मेंढा जलाशय की ऊंचाई को बढ़ाने की मांग की गई है जिस पर उन्होंने वित्तीय वर्ष के बाद जलाशय की ऊंचाई में बढ़ाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा पिछले 2 वर्षों से लगातार आमला विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बैतूल जिले के अंतर्गत ताप्ती नदी पर स्वीकृत मेंढा जलाशय की ऊंचाई को बढ़ाने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं इस बार संभावना दिखाई दे रही है कि विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे की मेहनत रंग लाएगी और मेंढा जलाशय की ऊंचाई बढ़ेगी जिससे भैसदेही एवं भीमपुर विकासखंड में निवास करने वाले आदिवासी किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। 

By Vishal

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