चिचोली। नगर मुख्यालय पर दिव्य कृषि सेवा केन्द्र के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित क्षेत्र के अन्नदाता किसानों को संबोधित करते हुयें कृषि वैज्ञानिक प्रकाश जैन ने कहा कि किसानों के लिये उसकी खेती हीं उसका असली बैंक बैलेंस हैं क्योंकि खेती हीं उसकी आजीविका का मुख्य साधन होती हैं। प्रकाश जैन ने आगे कहा वर्तमान में किसान खेती का यंत्रीकरण कर रहे हैं,वर्तमान में भूमि की उर्वराशक्ति बड़ाने के लिए गोबर खाद को प्रयोग में लाना जरूरी हो गया हैं इसके लिए प्रत्येक किसानों को कम से कम एक गाय और दो बैल रखना चाहिए,जरूरत से ज्यादा फर्टिलाइजर,रासायनिक खाद डालने से जमीन की उर्वराशक्ति कम हो रहीं हैं,पौधे को मूलभूत तत्वो की आवश्यकता जमीन से हीं होती हैं,इसिलिए जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए हर किसान को अपने खेतों में वर्मीकंपोस के माध्यम से केचुआ खाद बनाना चाहिये और खेतों में इसका प्रयोग करना चाहिए,कम लागत की खेती करने से हीं हम खेती को लाभ का धंधा बना सकते हैं।इस अवसर पर मौजेक कंपनी के नरेंद्र सिमइया,इफको के गौरव पाटीदार,बायोस्टैड के राहुल पाटिल एवं सलीम पटेल ने भी किसानों को उन्नत खेती करने के उपाय बताये।
इस दौरान किसान नेता प्रदीप शुक्ला,नेकराम राठौर,हुकुम पटेल के साथ ही राजेन्द्र जैसवाल,नगर परिषद अध्यक्षा संतोष मालवीय,जनपद उपाध्यक्ष शंकरराव चड़ोकार ने भी किसानों से सरकार की योजनाओं का लाभ लेते हुए नई तकनीकी से खेती किसानी से करने की सलाह दी,वरिष्ठ कृषक अनिलसिंह कुशवाह ने सभी आगंतुक किसानों का अभिवादन किया और अंत में सभी का आभार नवीन प्रतिष्ठान दिव्य कृषि सेवा केन्द्र के युवा संचालक अमनसिंह कुशवाह एवं भुरा मोहन देशमुख ने व्यक्त किया साथ ही किसानों की संगोष्ठी का सफल मंच संचालन नगर परिषद चिचोली के पूर्व पार्षद जीवन पानकर ने किया।