बैतूल। बैतूल में दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली के रहवास का दावा सामने आया है। वन्यप्राणी संरक्षण के कार्य मे जुटे सारणी के रहने वाले आदिल खान ने इस इलाके में इसे देखे जाने का दावा करते हुए फोटो भी जारी किए हैं। यह बिल्ली पहले भी यहां देखी जा चुकी है। यह महज 19 इंच लंबी होती है।
उत्तर वन मंडल बैतूल के तहत आने वाली सारनी रेंज में स्थित मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी के जंगल और रहवासी क्षेत्र के करीब यह बीती रात दिखाई पड़ी। आदिल खान के मुताबिक बीती रात जब वे फोटोग्राफी के लिए निकले थे। तभी यह बिल्ली उन्हें डैम के करीब के जंगल और काॅलोनी के करीब दिखाई पड़ी। उन्होंने बताया कि यह पहले भी दिखाई दी थी, लेकिन उस समय इस पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया है कि यह दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली रस्टी स्पॉटेड कैट है। आदिल के अनुसार सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में भी इसकी मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है।
आदिल ने बताया कि यह देखने में छोटे तेंदुए की तरह नजर आती है और रात के समय ही एक्टिव होती है। अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने इसे संकटासन्न प्राणी की श्रेणी में रखा है। संकटासन्न (Near Threatened) एक संरक्षण श्रेणी है। जिसमें वो जीव या प्रजातियां आती हैं जो भले ही आज संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में नहीं आते हों, पर निकट भविष्य में जिनके विलुप्त होने का खतरा बना हुआ है।
इसका अधिकतम वजन एक किलो तक हो सकता है। वहीं, पूर्ण वयस्क बिल्ली 14 से 19 इंच तक लंबी व साढ़े पांच से साढ़े 11 इंच तक ऊंची हो सकती है। आदिल ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के जंगलों में हो रही बड़े पैमाने पर अवैध कटाई से इसके हैबिटेट को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। कंपनी को इनके संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए और कंपनी के जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहिए।
प्राणी विज्ञानी प्रो. पी.के मिश्रा के मुताबिक चित्र में दिख रही बिल्ली उसी छोटी प्रजाति की बिल्ली की तरह ही है जो दुनिया के अन्य कई हिस्सों में मिली है। इस पर शोध किया जाना चाहिए। इसके लिए इसको ऑब्जरवेशन में लेकर दो से तीन दिन इसकी हैबिट्स, आवासीय पर्यावास, शिकार के तरीकों की पड़ताल होनी चाहिए। वहीं इसके संरक्षण के लिए जरूरी कदम भी उठाए जाने चाहिए।