• लोनिया में स्वीकृत है खदान, ढोकली से कर रहे रेत खनन
  • स्थानीय राजस्व और खनिज विभाग की भी है संलिप्तता

सारनी। बीते साल ब्लाक में दो अलग अलग स्थानों पर रेत को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद भी प्रशासन ने इससे कोई सीख नहीं ली। ऐसा आज के परिवेश में कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। सारनी से सटी लोनिया पंचायत में शासन ने उमा रेसीडेंसी को रेत खदान आवंटित की है। ठेकेदार और उनके कर्मियों द्वारा राजस्व व खनिज विभाग के संरक्षण में लोनिया के बजाय ढोकली नदी से रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे है। इसको इन दिनों विवाद की स्थिति बनी हुई है। हालात यह है कि इस कोरोनाकाल में रेत खदान के पास स्थित ढोकली नदी में 50 से 100 की संख्या में लोग इकट्ठे हो रहे हैं। गुरुवार को सुबह से लेकर दोपहर तक आवंटित खदान के सीमांकन करने को लेकर राजस्व, खनिज, पुलिस विभाग के बीच ठेका कंपनी के दो दर्जन से अधिक लोग मौजूद रहे। इस दौरान कई बार विवाद की स्थिति बनी। सामजंस्य नहीं बना तो मौके पर नायाब तहसीलदार, माइनिंग ऑफिसर को भी पुलिस बल के साथ पहुचना पड़ा। इसके बाद सीमांकन हुआ। इसी बीच रेत ठेकेदार भी मौके पर आए और शिकायतकर्ता आशीष ठाकुर भी थे। बताया जा रहा है कि ढोकली खदान जहां से रेत उत्खनन की जा रही है। उसमें कुछ भूमि आशीष ठाकुर की है। जिस पर आपत्ति दर्ज की गई। कलेक्टर से शिकायत भी की। इसी के निराकरण को लेकर आज प्रशासनिक टीम खदान देखने और सीमांकन करने पहुँची। लेकिन हकीकत यह है कि जहां सीमांकन हुआ है यानी कि जहां खदान है। वहां से अभी तक रेत उठाई ही नहीं गई है। जबकि ढोकली नदी से रेत उत्खनन होना पाया गया। बीते दिनों जब राजस्व अमला ने भी पंचनामा बनाया था तो उसमें ढोकली नदी से ही रेत उठाना पाया था। अब देखना यह है कि प्रशासन द्वारा करवाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती है या ईमानदारी पूर्वक कार्रवाई की जाती है।

By Vishal

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