भोपाल। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अब निजी अस्पताल में भी वैक्सीनेशन सेंटर बनेंगे। निर्माता कंपनियों से वैक्सीन खरीद कर निजी अस्पताल लोगों को लगा सकेंगे। केंद्र सरकार के बाद नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) संचालक छवि भारत ने वैक्सीनेशन सेंटर बनाने को लेकर नए दिशा-निर्देश संबंधी आदेश जारी किए। इसके तहत, जिला स्वास्थ्य समिति निजी चिकित्सालयों को वैक्सीनेशन सेंटर बनाने के तय मापदंडों का निरीक्षण करने के बाद अनुमति देगी। इसके लिए निजी अस्पतालों में वैक्सीन रख-रखाव के लिए पर्याप्त कोल्ड चेन स्पेस व कोल्ड चेन उपकरणों की उपलब्धता, वैक्सीनेशन के लिए आने वालों के लिए वैक्सीनेशन कक्ष, प्रतीक्षा कक्ष, निगरानी कक्ष और प्रशिक्षित टीकाकर्मी (वैक्सीनेटर), सत्यापनकर्ता व कम्प्यूटर सिस्टम इंटरनेट कनेक्शन समेत उपलब्ध होना जरूरी है।
कोविड पोर्टल पर अपडेट करनी होगी जानकारी
निजी अस्पताल को अनुमति मिलने के बाद कोविड पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर जिला टीकाकरण अधिकारी लॉगिन आईडी व पासवर्ड उपलब्ध कराएगा। रजिस्टर्ड निजी सेंटर को निर्माता कंपनी से वैक्सीन प्राप्त करने के 24 घंटे में पोर्टल पर जानकारी अपलोड करनी होगी। इसमें वैक्सीन का प्रकार, बैच नंबर भी डालना होगा।
पोर्टल पर स्लॉट पब्लिश करना होगा अनिवार्य
निजी अस्पताल के सेंटर को वैक्सीन प्राप्त करने के एक से दो दिनों में कोविन पोर्टल पर वैक्सीनेशन स्लॉट पब्लिश करना होगा। जिससे वैक्सीनेशन करने वाले लोग ऑनलाइन अपना स्लॉट बुक कर सकें। वैक्सीनेशन करने वाले नागरिकों की पोर्टल पर जानकारी अपलोड करना और उनको सर्टिफिकेट देना अनिवार्य होगा। सभी सेंटर पर वैक्सीनेशन संबंधी गतिविधियां कोविन पोर्टल के माध्यम से ही संचालित होगी।