सारनी। नगर पालिका के शोभापुर ग्राम में मंत्रालय एवं महिला बाल विकास विभाग के सहयोग से ग्राम भारती महिला मंडल द्वारा स्वाधार गृह संचालित किया जाता हैं। जानकारी देते हुए संस्थाध्यक्ष भारती अग्रवाल ने बताया कि संस्था के अंतर्गत पीड़ित बेसहारा परित्यज्ञा महिलाओं के लिये आश्रय, खाने, कपड़े शिक्षा, एंव स्वास्थ्य सुविधाये उपलब्ध कराई जाती है। जहाँ मनोरजन के लिये खेल, बागवानी दूरदर्शन आदि की व्यवस्था की गई है।निवासरत महिलायें में प्रकरण लबिंत होने के कारण उन्हें लम्बे समय तक आश्रय प्रदान के साथ उनकी योग्यता के अनुसार उनकी क्षमतावृद्धि के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। जिससे पुर्नवासित होने पर वह कुछ न कुछ आय अर्जित करे। घरेलु क्लेस नही हो। समय का सदुपयोग स्वाधार गृह में करने हेतु स्वचेतना स्वसहायता समुह बना है, समूह की महिलाओं द्वारा दीयाबत्ती तथा अचार बनाया जा रहा है। समुह द्वारा निर्मित अचार की मॉग दिनों दिन मार्केट में बढ़ती जा रही है। जिसमें कार्य का विस्तार होगा, इस सत्र में वर्तमान तक 22 प्रकरण दर्ज हुये पुर्नवासित प्रकरणों की संख्या 23 है। वर्तमान में निवासरत महिलायें 18 तथा 9 बच्चे स्वाधार गृह में आश्रय पा रहे है। अध्ययनरत बच्चे एक बी.एस.सी. प्रथम वर्ष, एक कक्षा 7वी, एक कक्षा 4वी में, एक कक्षा 3वी, एवं नर्सरी में 3 बच्चे शिक्षा पा रहे है। दो बच्चियों को पाढ़र अस्पताल से नर्सिंग कोर्स करवाया जो आज नौकरी कर आत्म निर्भर बनी है। स्वाधार गृह में स्थानीय महिलाओं के साथ दूर दराज राज्यों से भी भटकी पीड़ित महिलायें आश्रय पाकर लाभावित हो रही है। स्वाधार गृह का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को काउंसलिगं दौरान मानसिकता को परिवर्तन कर उन्हें पुर्नवासित करने का संभव प्रयास प्रबंधन द्वारा किया जाता है। किन्तु कुछ महिलायें अपना सही पता नही बतलाने के कारण उन्हें लम्बे समय तक आश्रय प्रदान करना पड़ रहा है। स्वाधार गृह अधिक्षिका ज्योति बागड़ें एंव काउन्सलर नन्दा सोनी द्वारा सतत समझाईस देकर घर जैसा वातावरण निर्मित करने के लिये प्रयास किया जाता है, जिससे मिल जुलकर रहने की भावना विकसित हो।

By Vishal

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