शिवराज बनाम कमलनाथ- शिवराज ने कहा- कांग्रेसी आएगा, दारू बांटेगा, बोलो- आप फंसोगे तो नहीं?

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मुरैना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को पोहरी, करैरा और मुरैना विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभा कीं। पोहरी के आदिवासी बाहुल छर्च में उन्होंने कहा कि कांग्रेसी बड़े मायावी हैं। उनके पास ऐसे नेता हैं जो हर पार्टी में रह चुके हैं। लालच देंगे कि दारू ले लो, पैसा ले लो और पता नहीं कैसी-कैसी बातें करेंगे। एक कहानी सुनाता हूं। एक जंगल में साधु रहते थे, पक्षी भी बहुत थे। एक शिकारी की नजर पड़ गई।

शिकारी रोज आने लगा और दाने डालता, पक्षी दाना खाने बैठते तो शिकारी जाल फैलाकर पकड़ ले जाता। बाबा के मन में दर्द होता। एक दिन पक्षियों को बुलाया और कहा कि बचने के लिए मंत्र तुमको सिखाता हूं। तुम रट लो कि शिकारी आएगा, दाना डालेगा, जाल बिछाएगा और हम नहीं फंसेंगे। पक्षी गाने लगे। दूसरे दिन शिकारी आया तो पक्षी चिल्लाए तो शिकारी ने सोचा अब यहां दाल गलने वाली नहीं।

फिर भी उसने सोचा कि प्रयास करके देखते हैं और दाने निकाले डाल दिए। दाने देखकर पक्षी कहने लगे कि शिकारी आएगा, दाना डालेगा और हम नहीं फेंसेंगे…, ये कहते हुए दानों की तरफ बढ़ लिए और बैठ गए। तभी शिकारी ने जाल फैलाया, पक्षी फंसे और जाल उठाकर ले जाने लगा। पक्षी फडफ़ड़ाते हुए कहते रहे कि शिकारी आएगा, दाना डालेगा। शिवराज सिंह ने कहा कि कांग्रेसी चुनाव में आएगा, दारू लाएगा, साड़ी बांटेगा, पायल बांटेगा, कंबल बांटेगा और जनता से पूछा कि बोलो- फंसोगे तो नहीं? लोगों ने जवाब में कहा- नहीं।

किसान बिना दाम, नौजवान बिना काम, शिवराज तुम किस काम के

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को सांवेर और सुवासरा क्षेत्र में चुनावी सभाएं कीं। सांवरे के पाल कांकरिया में उन्होंने कहा कि शिवराज ने पहले 15 साल का हिसाब दिया था तो जनता ने उन्हें घर भेज दिया। अब सात महीने में उन्होंने प्रदेश का जो कबाड़ा किया है, उसका हिसाब दें, जनता उन्हें प्यार से घर भेज देगी। कमलनाथ ने कहा- शिवराज कहते हैं कि कमलनाथ बड़े उद्योगपति हैं। उनके देशभर में उद्योग हैं। मप्र में नहीं है।

कौन-सा उद्योग मेरा है, देशभर के एक उद्योग का नाम बता दें। सुवासरा के शामगढ़ में कमलनाथ ने कहा- हालत यह है कि किसान बिना दाम के, नौजवान बिना काम के और आप पूछते रह गए कि शिवराज तुम किस काम के। 15 सालों में किसानों की आत्महत्याएं बढ़ीं, महिलाओं पर अत्याचार बढ़े, इस पर भी शिवराज खुद को मामा कहलाते रहे। शिवराज ने केवल मजदूरों का उत्पादन किया है।

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