सारनी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मानसून सत्र में रेत खनन पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद खैरवानी, छतरपुर रेत खदान से खनन जारी है। जबकि बारिश के सीजन की शुरुआत होते ही जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने 30 जून से रेत खनन पर पूर्णत प्रतिबंध लगा दिया था। फिर भी बैतूल जिले के खैरवानी, छतरपुर रेत खदान नदियों एवं नालों में अब तक इस आदेश पर अमल नहीं हो सका है। खनिज विभाग, वन विभाग, प्रशासन से सांठगांठ मिलीभगत के चलते प्रतिबंध का सारनी क्षेत्र में कोई फर्क नहीं पड़ा है। क्षेत्र की खदानों पर परम डिस्ट्रीब्यूटर रेत कंपनी के गुरजीत शुण्टी बेदी, जीएम प्रमोद सिंह, प्रदीप साहू के इशारे पर किसी और खदान की रॉयल्टी पर लोनिया, खैरवानीं नदी से निकलने वाली रेत देते हुए, माफिया नदी को छलनी करने का काम कर रहे, जबकि कलेक्टर द्वारा जिले में मानसून की सक्रियता के दृष्टिगत जिले की समस्त रेत खदानों, नदियों एवं नालों से रेत उत्खनन पर 30 जून मध्य रात्रि से एक अक्टूबर तक प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन फिर भी कलेक्टर के आदेश को ओपन चैलेंज करते हुए परम डिस्ट्रीब्यूटर के तीनों शातिर रेत चोर ट्रैक्टर- ट्रालियों को नदी के बीच में ले जाकर परिवहन करा रहे हैं। वहीं अवैध ओवरलोड रेत के परिवहन से बारिश में सड़कें खराब हो रही है, लेकिन वन विभाग, खनिज विभाग, प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
कलेक्टर के आदेश इनके लिए कोई मायने नहीं रखते रेत माफिया मनमाने तरीके से नदी से अवैध खनन व परिवहन कर रहे हैं। उन्हें शासकीय गाइड लाइन से कोई मतलब नहीं। वन विभाग, खनिज विभाग,पुलिस विभाग में अच्छी सेटिंग होने के चलते जिम्मेदारों ने भी इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा। हालांकि रेट निर्धारित कर परम डिस्ट्रीब्यूटर की तीनों हस्ती विभाग से फुल सेटिंग का दम भरता है।
पाथाखेड़ा में कई स्थानों पर रेत पहुंच रहे कंपनी वाले
प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से नगर पालिका के ठेकेदार को निर्माण कार्य के लिए कई स्थानों पर ट्रैक्टर के माध्यम से रेत पहुंचाई जा रही है। वहीं खैरवानी रेत खदान से रात के 3 बजे से 6 बजे सुबह तक दमुआ बेरियल से होते हुए कई स्थानों पर रेट का भंडारण किया जा रहा है। जो खनिज विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में लाकर खड़ा करता है एवं शासन को राजस्व का लाखों का नुकसान हो रहा है।
वन, खनिज, पुलिस विभाग पर संरक्षण का लग रहा आरोप
इन दिनों लगातार कंपनी के चोरों द्वारा प्रतिबंध के बावजूद खनन किया जा रहा है और माफियाओं पर अंकुश नहीं लगने की वजह प्रशासनिक अमले पर संरक्षण का आरोप लग रहा है। जानकार बताते हैं कि परम डिस्ट्रीब्यूटर रेत कंपनी के गुरजीत शुण्टी बेदी, जीएम प्रमोद सिंह, प्रदीप साहू के तार ऊपर तक जुड़े हुए हैं। इसी वजह से माफियाओं के वाहन सड़कों पर बिना किसी डर के सरपट दौड़ते हुए नजर आते है। जिसके कारण वन विभाग, खनिज,पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों पर लगातार संरक्षण का आरोप लग रहा है।
इनका कहना है
एनजीटी लगी हुई है प्रतिबंध के दौरान अगर रेत का खनन कर परिवहन हो रहा है तो बताए हुए स्थान पर मैं स्वयं जल्दी ही जांच कर कार्यवाही करुंगा।
मनीष पालेवार
जिला खनिज अधिकारी बैतूल
आपके बताए हुए स्थान पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
भगवंत नागवंशी
खनिज अधिकारी घोड़ाडोंगरी
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