मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने निजीकरण का विरोध कर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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सारनी। मध्यप्रदेश की सभी विद्युत संगठनों द्वारा बैठक कर केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रदेशों की वितरण कंपनियों का निजीकरण करने हेतु स्टैंडर्ड बिड डॉक्यूमेंट जारी कर सभी वितरण कंपनियों के निजीकरण करने की योजना का विरोध करने हेतु मध्य प्रदेश विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया है केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश की वितरण कंपनियों के निजीकरण एवं उत्तरप्रदेश में निजीकरण के विरोध में शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमनकारी नीतियां अपनाने के विरोध में संयुक्त मोर्चा द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि 5 अक्टूबर को निजीकरण का विरोध करने एवं उत्तर प्रदेश कर्मचारी संयुक्त समिति के समर्थन में मध्यप्रदेश में काली पट्टी लगाकर , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जबलपुर में प्रबंध संचालक , मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड , भोपाल में प्रबंध संचालक , मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड , इंदौर में प्रबंध संचालक , मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड एवं सभी जिला मुख्यालय में कलेक्टर को ज्ञापन देने एवं साथ सभी जिला वृत एवं पावर हाउस मुख्यालयों पर गेट मीटिंग कर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा संयुक्त मोर्चा के संज्ञान में यह भी आया है कि केंद्र सरकार एवं उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा उत्तरप्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति मोर्चा के 5 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार को निष्प्रभावी बनाने हेतु सभी प्रदेशों से अभियंताओं कर्मचारियों को भेजने हेतु अनुरोध किया गया है । इसका भी संयुक्त मोर्चा सख्त विरोध करता है एवं शासन प्रशासन से मांग करता है कि मध्यप्रदेश से किसी भी कर्मचारी अधिकारी को उत्तरप्रदेश न भेजा जाये संयुक्त मोर्चा यह भी अनुरोध करता है कि विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण के प्रस्ताव को तत्काल रद्द किया जाये अन्यथा की स्थिति में ज्ञापन के उपरांत संयुक्त मोर्चा उपभोक्ता हित एवं कर्मचारी हितों में कठोर निर्णय लेने में भी पीछे नहीं हटेगा एवं कभी भी कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है संयुक्त मोर्चा में मध्य प्रदेश विद्युत अभियंता संघ, पावर इंजीनियर एंड एंप्लाइज एसोसिएशन , अभियंता संघ, मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन, विद्युत कर्मचारी पंचायत, मध्य प्रदेश तकनीकी कर्मचारी संघ , विद्युत कर्मचारी संघ, विद्युत कर्मचारी यूनियन, अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ, कर्मचारी अधिकारी समिति, मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी कांग्रेस, मध्य प्रदेश संविदा अधिकारी कर्मचारी संघ, मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ पश्चिम क्षेत्र, मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी पेंशन महासंघ, मध्य प्रदेश विद्युत राज्य तकनीकी कर्मचारी संघ के संयुक्त हस्ताक्षर पर प्रधानमंत्री के नाम मुख्य अभियंता को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर निजीकरण का विरोध किया।

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