सारनी। पाथाखेड़ा लाल झंडा कोयला खदान मजदूर यूनियन सीटू द्वारा एरिया की छतरपुर माइन 2 पर बुधवार को गेटमेटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें ग्यारहवें वेजबोर्ड को जल्दी लागू करने, श्रम कानून में हो रहे परिवर्तन और निजीकरण सहित अन्य कई प्रमुख मुद्दे साथ ही 5 अप्रैल को दिल्ली में किसानों और मजदूरों के महापड़ाव के लिये कामगारों को जानकारी देते हुए इस महापड़ाव में अधिक से अधिक समिलित होने का आव्हान किया। सीटू के वेकोलि वेलफेयर बोर्ड सदस्य कामेश्वर राय ने कहा कि कामगारों को अपने अधिकारो के लिये जागरूक होना पड़ेगा। खदानों के निजी करण को लेकर सभी कामगारों को एकजुट होकर धरना प्रदर्शन करना होगा। तब ही सरकार के कान खड़े होंगे। इस दौरान सीटू के एरिया अध्यक्ष अशोक बुंदेला ने कहा कि देश में वर्तमान कॉरपोरेट साम्प्रदायिक गठबंधन वाली सरकार जनता और उनकी आजीविका पर आक्रामक हमले कर रहीं है यही समय हैं कि हम मज़दूर और किसानों के इस महापड़ाव को सफल बनाने मैं अपना अपना सहयोग दे। महामंत्री जगदीश डिगरसे ने अपने भाषण में वर्तमान में जो कोल इंडिया प्रबंधन मज़दूरों के वेज बोर्ड लागू करने में जो विलंब कर रहीं है साथ ही नये कोल ब्लॉक आवंटन कर रहीं हैं और कोयले को निजीकरण की ओर ले जा रहीं इन सभी विषय पर कोयले के मजदूरों को एकता दिखाते हुए दिल्ली चलो के नारे की बुलंद करना होगा। जितेन्द्र निरापुरे ने बताया कि सीटू सहित अन्य राष्ट्रीय यूनियन के संयुक्त आव्हान पर देश में दिल्ली चलो का नारा दिया जा रहा। इस दौरान जनजागृति हेतु सीटू द्वारा वेकोलि कि सभी खान पर 1 मार्च से 10 मार्च 2023 तक अभियान चलाया। गेटमीटिंग में एरिया कार्यवाहक अध्यक्ष कुतुबुद्दीन अंसारी, समन्वय समिति से जितेन्द्र निरापुरे, जगदीश रघुवंशी सुरक्षा समिति से नरेन्द्र पुनसे, एरिया कोषाध्यक्ष जे विवेकानन्द एरिया से सेख सफी, हरिराम चौहान, मोगल खान, पवन जगदेव, हाशिम, शेषराव डिगरसे, दिनेश देशमुख उपस्थित रहे।
मजदूरों,किसानों की संयुक्त रूप से दिल्ली में होगी हुँकार
Posted on by Vishal
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