जब दूसरों की पीड़ा देखकर अपने मन में दर्द उबरे तो समझना मानवता जिंदा है: डॉ कैलाश वर्मा

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बैतूल बाजार। अखिल विश्व गायत्री परिवार की नवनिर्मित जिला समन्वय समिति का प्रथम परिचयात्मक सम्मेलन बैतूलबाजार प्रज्ञापीठ में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे समिति के संरक्षक डॉ कैलाश वर्मा ने अपने अनुभवो का लाभ लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिला समन्वय समिति के सभी चुने हुए सदस्य प्रतिभावान है, उन्हें अपनी प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र के कल्याण के लिए लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब दूसरों के दूसरों के दुख में अपने मन में दर्द उत्पन्न हो तो समझना चाहिए कि मानवता अभी जिंदा है। हमें पीड़ित मानवता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

इसके पूर्व बैतूलबाजार प्रज्ञा पीठ डिवाइन इंग्लिश स्कूल प्रांगण में आयोजित विचार गोष्ठी में नव निर्वाचित जिला समन्वय समिति और तहसील समन्वय समिति के सदस्यों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। उन्हें अपने-अपने दायित्व का बोध कराया गया। जिले भर के प्रत्येक ग्रामों में गायत्री परिवार और गुरुदेव के विचारों को पहुंचाने का संकल्प दिलाया गया। नव निर्वाचित जिला समन्वयक रवि शंकर पारखे ने विचार गोष्ठी का उद्देश्य और किए जाने वाले कार्यों से सबको परिचित कराया। जिला सह समन्वयक राजकुमार पालीवाल ने साधना को जीवन में उतारकर प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का राज बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिजन को प्रज्ञा पुत्र स्तर का तो होना ही चाहिए। कार्यक्रम में बैतूल, आठनेर, भैंसदेही, आमला, शाहपुर, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, मुलताई, प्रभात पट्टन आदि तहसीलों के तहसील समन्वयक अपनी-अपनी तहसीलों के प्रतिवेदन के साथ उपस्थित हुए। कार्यक्रम में समिति के सभी सदस्यों को उनके प्रभार के दायित्व पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम का संचालन बाल संस्कार शाला प्रभारी अजय पवार ने किया। हमारा युग निर्माण सत्संगकल्प का पाठ जिला युवा समन्वयक अनूप वर्मा द्वारा किया गया। आभार बैतूल तहसील समन्वयक सुरेश पानसे द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में उदल पवार, मुकेश वर्मा बाबूजी, महेंद्र गुड्डा वर्मा, विवेक सिंह राठौड़, डॉक्टर भूपेंद्र राठौर, नरेंद्र विजयकर, आशीष कोकने, मनोज पाटिल, रोशन विश्वकर्मा आदि का विशेष सहयोग रहा।

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