- निष्पक्ष, पारदर्शी एवं स्वतंत्र निर्वाचन सम्पन्न कराने में सभी का सहयोग हो
- अभ्यर्थियों की बैठक आयोजित
बैतूल। त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के तहत अभ्यर्थियों की बैठक गुरूवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में प्रेक्षक डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने कहा कि सभी अभ्यर्थियों से अपेक्षा है कि वे निर्वाचन आदर्श आचरण संहिता का कड़ाई से पालन करें। निष्पक्ष, पारदर्शी एवं स्वतंत्र निर्वाचन सम्पन्न कराने में सभी से सहयोग अपेक्षित है। निर्वाचन के दौरान कहीं भी ऐसा कृत्य न हो, जो निर्वाचन नियमों का उल्लंघन करता हो। प्रचार के लिए मुद्रित की जाने वाली सामग्री में मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम आवश्यक रूप से अंकित किया जाए। प्रचार-प्रसार के लिए सार्वजनिक सम्पत्ति का उपयोग न हो, यह भी अभ्यर्थी सुनिश्चित करें। बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अमनबीर सिंह बैंस, पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिलाष मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री श्यामेन्द्र जायसवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एमपी बरार सहित अभ्यर्थीगण उपस्थित थे।
अपने संबोधन में प्रेक्षक डॉ. भार्गव ने आगे कहा कि प्रचार-प्रसार के दौरान ऐसे कोई क्रिया-कलाप न हों, जो किसी धर्म अथवा जाति पर आक्षेप करते हों। मतदाताओं को किसी तरह का प्रलोभन देकर प्रभावित न किया जाए। इस दौरान कलेक्टर श्री बैंस ने कहा कि जिला एवं जनपद स्तर पर निर्वाचन कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। अभ्यर्थीगण महत्वपूर्ण सूचनाएं कंट्रोल रूम पर दे सकते हैं। शिकायतें भी कंट्रोल रूम पर की जा सकती है। अभ्यर्थियों से अपेक्षा है कि किसी भी तरह की सभा, रैली इत्यादि के आयोजन के लिए पूर्व अनुमति अवश्य ले लें। जिला पंचायत सदस्य के लिए एसडीएम कार्यालय बैतूल से तथा अन्य अभ्यर्थियों के लिए संबंधित जनपद के रिटर्निंग अधिकारी स्तर से अनुमतियां जारी की जाएंगी। बिना अनुमति के कोई भी सभा अथवा रैली का आयोजन न किया जाए। अभ्यर्थियों से अपेक्षा है कि वे अपने अभिकर्ताओं के परिचय-पत्र आवश्यक रूप से बनवा लें। परिचय पत्र धारी अभिकर्ताओं के अलावा अन्य अभिकर्ता मान्य नहीं किया जाएगा। प्रचार के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों की अनुमति भी आवश्यक रूप से ले ली जाए। अनुमति मिलने में यदि विलंब होता है तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी जाए। कलेक्टर ने कहा कि संपत्ति विरूपण अधिनियम का कड़ाई से पालन हो। मतदाता को किसी तरह का प्रलोभन न दिया जाए। साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए धार्मिक स्थलों का उपयोग न किया जाए। मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व प्रचार-प्रसार की गतिविधियां पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगी, इस व्यवस्था का पूरी तरह पालन किया जाए। मतदान केन्द्र के 200 मीटर के दायरे में किसी तरह का निर्वाचन प्रतीक चिन्ह इत्यादि न लगाया जाए। हथियारों को लेकर चलना पूर्णत: प्रतिबंधित है। यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद ने कहा कि सभी अभ्यर्थियों से अपेक्षा है कि वे निर्वाचन नियमों का पालन करें। पुलिस को कोई सूचना देना हो अथवा शिकायत करना हो तो अन्य नंबरों के अलावा डायल 100 का भी उपयोग किया जा सकता है। किसी भी स्थान पर नियम विरूद्ध शराब इत्यादि का वितरण न हो, यह ध्यान रखा जाए। सभी स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन भी सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान निर्वाचन आदर्श आचरण संहिता की जानकारी भी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई गई।
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