- कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा
- श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ 7 दिनों तक चलेगा

घोड़ाडोंगरी। श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ सोमवार को कलश यात्रा के साथ किया गया मंगल कलश लेकर महिलाएं नगर भ्रमण करते हुए कथा स्थल पहुंची जहां पर श्रीमद्भागवत पूजन, धर्म ध्वजा पूजन एवं व्यास पूजन हुआ।
सत्यनारायण मंदिर से प्रारंभ हुई कथा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा गया बड़ी संख्या में लोगों ने मंगल कलश यात्रा में हिस्सेदारी की गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए गुजरी नगर वासियों ने कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया अपने घरों के सामने रंगोली बनाकर एवं मंगल कलश दीप जलाकर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
कथा के पहले दिन संत श्री पंडित कमल किशोर जी नागर राम नाम के जप का महत्व बताते हुए कहा कि तोता और मनुष्य दोनों ही राम का नाम जप सकते हैं तोता बहुत अच्छा और मीठा बोल लेता है लेकिन बिल्ली जब उस पर जब झपट्टा मारती है तो वह टे टे ही बोल पाता है मगर मनुष्य कॉल सामने खड़ा हो अंतिम समय हो उस समय भी राम का नाम जप सकता है यह वही जबान बोल पाएगी भजन से जुड़ी है उन्होंने कहा कि गजराज गली गली जाता है अपनी सूंड से मिट्टी सुंघकर थोड़ी सी मिट्टी अपने ऊपर डालता है क्योंकि वह ईश्वर के श्री चरणों की रज को ढूंढ रहा है यह काम वह रोज करता है सत्संग और भजन मनुष्य जीवन के लिए आवश्यक क्रिया है जिससे जीवन में टेस्ट आता है।
दो तरह की होती हैं परीक्षाएं लिखित एवं मौखिक
संत श्री ने कहा कि जीवन में परीक्षा में दो तरह की होती है लिखित एवं मौखिक लिखित परीक्षा में हम पर्ची का उपयोग कर लेते हैं मगर जब मौखिक परीक्षा मैं सामने से सवाल पूछा जाता है। लिखित परीक्षा जीवन भर चलेगी किंतु एक दिन जब मौखिक परीक्षा का समय आएगा उस समय किया हुआ सत्संग काम आएगा उन्होंने कहा कि सबल प्रेम के पाले पढ़कर प्रभु को नियम बदलते देखा अपना मान भले टल जाए भक्तों का मान ना टलते देखा इसीलिए एक घड़ी आधी घड़ी भजन में लगाओ जिससे जीवन में टेस्ट आएगा।
जुबान कभी बूढ़ी नहीं होती है
जिन बच्चों की परीक्षाएं होती है वह रात में कम खाना खाते हैं और पढ़ते ज्यादा है जुबान को काबू में रखना और सही मार्ग पर लगाना चाहिए क्योंकि शरीर के हर अंग पर बुढ़ापा आता है किंतु जबान में नहीं 60 के बाद यह ज्यादा तेज चलती है अंत तब तक ना कमजोर होती है ना बूढ़ी होती है 60 के बाद सबसे ज्यादा काम करती है उन्होंने कहा कि ईश्वर मोक्ष देने के लिए बैठा है हमें उनकी प्रतीक्षा करना चाहिए और सत्संग में कुछ समय देना चाहिए उन्होंने कथा के दौरान कई भजन भी श्रोताओं को सुनाएं जिस पर लोग झूम उठे बड़ी संख्या में लोगों ने भागवत कथा में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित किया कथा आयोजक परिवार के कृष्ण गोपाल अग्रवाल ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 12:00 से 3 बजे तक होगी उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।
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