वन विभाग द्वारा वन रक्षक नाके में घटिया सामग्री का उपयोग, नागरिकों ने  जताई नाराजगी

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आमला। वन परिक्षेत्र अंतर्गत में ग्राम जुनवानी   मे वन रक्षक नाके भवन का निर्माण करवाया जा रह है जिसमे घटिया समग्रियों का उपयोग किया जा रहा है विभाग द्वारा लगभग 13 लाख की स्वीकृत राशि से वन रक्षक नाका भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। नागरिकों ने  निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने समेत अनियमितताओं का आरोप लगाकर नाराजगी जताई। नागरिक अमित शर्मा और हेमराज विश्वकर्मा ने बताया की वन विभाग द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसमे स्थानीय छोटी नदियों नालों की मिट्टी युक्त रेत  मिलाई जा रही हैं और उसी से निर्माण कार्य किया जा रहा है। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने पर अधिकारी भी घटिया सामग्री होने की बात को नकार कर शिकायत से पल्ला झाड़ लेते हैं। बुधवार दिनांक 30 जनवरी  को मौके पर जाकर नागरिकों ने  वनविभाग के अधिकारियो   को सूचना दी तो वन अधिकारियो ने मौके पर पहुंच कर निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग करते जांच करने का कहने पर भी संबंधित अधिकारी कर्मचारी मौके पर नही पहुँचे जिसके कारण निर्माण कार्य मे बेरोकटक  घटिया समग्रियों का उपयोग बदस्तूर जारी है
कच्ची फ़्लाइ एस इट का उपयोग
13 लाख से निर्माण हो रहे नाके मे लगाई जा रही फलाई एस इट कच्ची है और उसी इट से भवन का निर्माण जारी है अमित शर्मा ने बताया इट कच्ची होने से टूट रही है और इट के किनारे भी झड़ गये है उसके बावजूद घटिया इट उपयोग की जा रही है भवन की दीवारों और फाउंडेशन कार्य मे भी इसी तरह की इट उपयोग की है जिससे भवन की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे है ।
स्टिमेट के हिसाब से नही हो रहा निर्माण
नागरिकों ने बताया भवन का निर्माण स्टिमेट के हिसाब से नही किया जा रहा है भवन के बिंब कालम भराब कार्य मे  गिट्टियां सीमेंट का मिश्रण भी नियमानुसार नही किया जिससे कालम बिंब मे लोहे की सरिया बाहर दिखाई पड़ रही है नियमानुसार सीमेट का उपयोग् न करते हुए कम सीमेंट लगाई जा रही है और तराई कार्य भी नियमानुसार नही किया जा रहा है।

इनका कहना है
इट सप्लाई विभाग द्वारा किये गये टेंडर सप्लायर द्वारा पहुंचाई गई है रेत मिट्टी युक्त है तो सप्लायर को दूसरी रेत डालने का कहेगे।
सीमा चौकीकर
वन परिक्षेत्र सहायक आमला

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