बैतूल। शासन के निर्देशानुसार जनरल मेडिसिन विषय विशेषज्ञता में सम्बद्ध निजी चिकित्सालयों को कोविड-19 से ग्रसित/संदिग्ध पात्र हितग्राहियों के उपचार हेतु न्यूनतम 20 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। विभिन्न माध्यमों से संज्ञान में आया है कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत सम्बद्ध निजी चिकित्सालयों द्वारा संदिग्ध कोविड-19 पात्र हितग्राहियों के उपचार हेतु पैकेज उपलब्ध न होने अथवा शासकीय चिकित्सालयों हेतु आरक्षित होने का कारण बताते हुये उपचार नहीं किया जा रहा है एवं उन्हें शासकीय चिकित्सालयों में रैफर किया जा रहा है। आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत सम्बद्ध निजी चिकित्सालयों/चिकित्सा महाविद्यालयों द्वारा ट्रीटमेंट ऑफ कोविड-19 इंफेक्शन पैकेज का उपयोग कोविड-19 से ग्रसित एवं संदिग्ध पात्र हितग्राहियों के उपचार हेतु किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त कोविड-19 से ग्रसित एवं संदिग्ध पात्र हितग्राहियों की अतिरिक्त जांचे जैसे सी.टी. स्केन हेतु निम्नलिखित पैकेज का उपयोग किया जा सकता है। हाई एण्ड रेडियोलॉजिकल डायग्नोस्टिक (सी.टी. एम.आर.आई. इमेजिन इन्क्लूडिंग न्यूक्लियर इमेजिन), बायोप्सीज एण्ड एडवांस इन्वेस्टीगेशन्स एवं हाई एण्ड हिस्टोपैथोलॉजी एण्ड एडवांस सेरोलॉजी इन्वेस्टीगेशन्स। इन पैकेजेस की अधिकतम सीमा राशि 5 हजार रूपए प्रतिवर्ष प्रति परिवार होगी।
सम्बद्ध निजी चिकित्सालयों को उक्त पैकेजेस के अंतर्गत पंजीकृत पात्र हितग्राहियों का कोविड-19 टेस्ट (आर.टी.पी.सी.आर.) कराना अनिवार्य होगा एवं उपचार से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज टी.एम.एस. पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करना होगा। कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी रिपोर्ट दिनांक तक का क्लेम नियमानुसार अनुमोदित किया जायेगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी ने बताया कि आयुष्मान पंजीकृत निजी चिकित्सालय आवश्यकतानुसार उक्त पैकेजेस का उपयोग कर संदिग्ध कोविड-19 पात्र हितग्राहियों को योजनांतर्गत नि:शुल्क उपचार कराना सुनिश्चित करें।
आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत कोविड-19 संदिग्ध पात्र हितग्राहियों के उपचार हेतु पैकेज
+ There are no comments
Add yours