स्व-सहायता समूह की महिलाओं को स्व रोजगार से जोड़ने के लिए कुटीर एवं लघु उद्योगों की स्थापना कराई जाएगी: नगर पालिका अध्यक्ष

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  • स्व सहायता समूह की महिलाओं की खेल-कूद स्पर्धा का आयोजन, महिलाओं कोस्वरोजगार से जोडने की होगी कवायद

सारनी। नगर पालिका क्षेत्र की स्व-सहायता समूह की महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए क्षेत्र में कुटीर एवं लघु उद्योगों की स्थापना की पहल की जा रही है। इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा की गई है। यदि सुखद परिणाम आए तो जल्द ही महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सारनी, पाथाखेड़ा, शोभापुर एवं बगडोना क्षेत्रों में कुटीर, लघु उद्योगों की स्थापना हो जाएगी। उक्त बातें नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे ने उमंग एवं धानी महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।

नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र के सभी स्व-सहायता समूह की महिलाओं का विकास ही उनका प्रमुख उद्देश्य है। सभी समूहों की महिलाएं स्वस्थ एवं सक्रिय हैं। साथ ही वे स्व-रोजगार को लेकर जागरूक भी है। इसलिए उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वे सतत प्रयासर हैं। पाथाखेड़ा क्षेत्र स्व-सहायता समूल, महिला मंडल सम्मेलन का आयोजन उमंग महिला मंडल, धानी महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे व अन्य अतिथियों ने सरस्वती पूजन कर किया। इस दौरान स्व सहायता समूहों के अध्यक्ष, सचिव एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे। इस दौरान डे-एनयूएलएम शाखा के नोडल अधिकारी के.के. भावसार ने कहा कि महिलाएं जागरूक एवं सक्रिय हैं। उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आवश्यक जानकारी, सहायता लगातार नगर पालिका द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मिलकर स्व-रोजगार के अवसर तैयार करने चाहिए। इस दौरान सिटी मिशन मैनेजर बैतूल अखिलेश चौहान ने स्व-सहायता समूहों के गठन, उद्देश, उनके अधिकार, कर्तव्यों की जानकारी दी। डे-एनयूएलएम शाखा के प्रभारी रंजीत डोंगरे ने कहा कि महिलाओं के समूहों द्वारा सारनी क्षेत्र में बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समूह संचालन में सामने आने वाली छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण तत्काल किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उनकी देशभक्ति गीत, नृत्य, कविता, भाषण, रंगोली, मेहंदी, हैंडीक्राफ्ट, खेलकूद चम्मच दौड़, कुर्सी दौड़ समेत अन्य ज्ञानवर्धक खेलों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर निराकार सागर, एकता, गरिमा, कादंबिरी, सैयाद्री, भद्रकाली, ओम साईराम, सुजाता, नवनिर्माण, शिव शक्ति, साक्षी, दिक्षा, वैष्णवी, विदूषी, आराधना, जीविका, उद्गम, कार्तिक, गुरूकृपा, योगिता, राजेश्वरी, जय माता दी, ताप्ती, जय मां खेड़ापति, अनुसूईया, शुभ-लाभ, गणेश, कीर्ति, पंचवटी व अन्य समूह की महिलाएं उपस्थित थी।

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