जिला अस्पताल का कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण, नदारद मिले 14 डॉक्टर, एक दिन की सैलरी काटने के निर्देश

Estimated read time 1 min read

बैतूल। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सोमवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत जानी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कई वार्डों में प्रभारी चिकित्सक अपने निर्धारित स्थानों पर मौजूद नहीं मिले, जिस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई।

इन वार्ड में की जांच

कलेक्टर ने ओपीडी, जनरल वार्ड, डायलिसिस यूनिट, पीआईसीयू, आईसीयू, एसएनसीयू, मेटरनिटी वार्ड, पीएनसी वार्ड, एएनसी वार्ड और आर्थोपेडिक वार्ड सहित विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान आर्थोपेडिक वार्ड को छोड़कर अधिकांश वार्डों में प्रभारी डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। जानकारी के मुताबिक कलेक्टर के दौरे के समय डॉ प्रदीप धाकड़, वंदना धाकड़,रोहित पराते, तरुण साहू अस्पताल में नहीं मिले।जबकि डॉ कृतिका और विनोद बर्डे अवकाश पर थे।

14 प्रभारी डॉक्टरों की सैलरी काटी

लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने 14 प्रभारी चिकित्सकों का एक दिन का वेतन काटने और सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा लेबर वार्ड की दो स्टाफ नर्स और सोनोग्राफी वार्ड के एक असिस्टेंट द्वारा गलत जानकारी दिए जाने पर उन्हें भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी असंतोष जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार लाने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मरीजों और उनके परिजनों से भी चर्चा कर इलाज और सुविधाओं को लेकर जानकारी ली। कई लोगों ने डॉक्टरों की अनुपस्थिति और व्यवस्थाओं में कमी की शिकायत की।

स्टाफ की भारी कमी

बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। बावजूद इसके कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे , आरएमओ रानू वर्मा, डॉ रूपेश पद्माकर भी मौजूद रहे।

More From Author

+ There are no comments

Add yours