OBC आरक्षण के बिना पंचायत चुनाव नहीं; विधानसभा में संकल्प पारित

Estimated read time 1 min read

भोपाल। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में चौथे दिन गुरुवार को सदन ने बड़ा फैसला ले लिया। अब पंचायत चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के नहीं होंगे। ओबीसी आरक्षण को लेकर विधानसभा में सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया है। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रखा, जिस पर विपक्ष ने भी सहमति जताई। इसके बाद इस संकल्प को पारित कर दिया गया है।

इसके पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण का मामला उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग तरह-तरह के आदेश जारी कर रहा है। यह उचित नहीं है। सरकार को स्थिति स्पष्ट करना चाहिएl

इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। इसके लिए जल्द ही सुनवाई की तारीख ली जाएगीl मिश्रा के इस बयान आने के बाद विपक्ष ने हंगामा कर दिया। इसके बाद अध्यक्ष डॉ. गिरीश गौतम ने विधानसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

सीएम बोले- इतने बड़े वर्ग के बिना चुनाव कराना तर्कसंगत नहीं

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा, सरकार की प्रतिबद्धता है कि पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ ही होl हम सामान्य वर्ग एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षण के साथ ही चुनाव कराना चाहते हैंl यही वजह है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। सरकार ने आज ही सुनवाई के लिए आवेदन भी किया हैl मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने बड़े वर्ग के बिना चुनाव कराना तर्कसंगत नहीं है।

इन विधेयकों पर होगी चर्चा

शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सरकारी व निजी संपत्ति नुकसान की वसूली (संशोधन) विधेयक 2021 पर चर्चा होना है। संभावना है कि यह विधेयक आज ही पारित हो जाएगा। इसके साथ ही ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक 2021 सहित 7 विधेयकों पर चर्चा होगी। द्वितीय अनुपूरक बजट भी पारित होने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश में साम्प्रदायिक दंगे, हड़ताल, धरना- प्रदर्शन या जुलूस के दौरान पत्थरबाजी करने वाले या सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ विधेयक पर विधानसभा में बहस होना है। यदि यहां मंजूरी मिलती है, तो यह कानून लागू हो जाएगा। इससे पहले ‘लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान निवारक व नुकसानी की वसूली अधिनियम- 2021’के प्रस्ताव को 16 दिसंबर को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दी थी।

इसके मुताबिक यदि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने किसी सरकारी अथवा निजी चल-अचल संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, तो उनसे इतनी ही राशि की वसूल कर मालिक को दी जाएगी। यही नहीं, जरूरत पड़ने पर आरोपी की संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान भी है। मध्यप्रदेश में लागू होने वाले कानून को यूपी की तर्ज पर बनाया गया है।

वसूली का ढांचा- रिटायर्ड जज होंगे ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष
नए कानून के तहत ट्रिब्यूनल का गठन होगा। इसका अधिकार क्षेत्र प्रदेश के सभी जिलों तक रहेगा। इसमें रिटायर्ड जज को कमिश्नर बनाया जा सकता है। आईजी व सचिव रैंक के रिटायर्ड अफसर मेंबर होंगे। धरना-प्रदर्शन और दंगों में सरकारी संपत्ति को नुकसान होने पर कलेक्टर और निजी संपत्ति को नुकसान होने पर संपत्ति मालिक ट्रिब्यूनल में जानकारी देंगे।

जिलास्तर पर क्लेम कमिश्नर होगा
ट्रिब्यूनल में जिलास्तर पर क्लेम कमिश्नर होगा, जिसका काम एडिशनल अथवा डिप्टी कलेक्टर को सौंपा जाएगा। सरकारी संपत्ति के नुकसान की शिकायत कार्यालयीन अफसर और निजी संपत्ति की शिकायत मालिक करेगा। इसके आधार पर घटना में दोषियों के खिलाफ ट्रिब्यूनल कार्रवाई करेगा। उनसे वसूली कर सरकारी कोष या निजी व्यक्ति के खातों में राशि जमा कराएगी। इसकी अपील केवल हाईकोर्ट में ही होने का प्रावधान किया गया है। ट्रिब्यूनल को भू राजस्व संहिता के अधिकार होंगे और उसके तहत ही वे अपना काम करेंगे।

हाईकोर्ट में ही अपील हो सकेगी
शिकायत के बाद क्लेम कमिश्नर मौके पर जाकर फोटोग्राफ व नुकसान की रिपोर्ट ट्रिब्यूनल को देगा। इसी आधार पर ट्रिब्यूनल फैसला देगा। क्लेम कमिश्नर उसका पालन कराएगा। ट्रिब्यूनल को मजबूती देने के लिए इसके फैसले को चुनौती सिर्फ हाईकोर्ट में ही दी जा सकेगी। वसूली देने में आनाकानी हुई, तो संबंधित व्यक्ति की संपत्ति की नीलामी भी हो सकती है।

किस राज्य में कब आया एक्ट

  • हरियाणा: अप्रैल 2021 में हरियाणा ने एक्ट बनाया। इसमें रैली-हड़ताल और प्रदर्शन सभी को शामिल किया गया है। अभी कोई वसूली नहीं हुई।
  • उत्तर प्रदेश: मार्च 2020 में यह कानून बना है। अभी कोई वसूली नहीं हुई। इसमें आंदोलनकारी, रैली, प्रदर्शन और आंदोलनों को शामिल किया गया। पत्थरबाजी की भी निगरानी रहेगी।

More From Author

+ There are no comments

Add yours