सारनी। शासकीय महाविद्यालय सारनी में महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार की संभावनाएँ पर वेबीनार का आयोजन किया गया। इस वेबीनार में मुख्य वक्ता डॉ अमरसिंह शासकीयस्नातकोत्तर पी.जी. महाविद्यालय छिन्दवाड़ा द्वारा कहा गया महिलाओ को खैरात नही स्वयं को साबितकरने के लिये जमीन चाहिये आज की स्त्री नायिका बने न कि दोयम दर्जे की नागरिक न बने। डॉ सुखदेव डोगरे जयंवती हाक्सर शासकीय स्नातकोत्तर पी.जी. महाविद्यालय बैतूल द्वारा बताया गया भारत की प्रथम महिला शिक्षिका ज्योतिबा बाई फूले ने महिला सशक्तिकरण पर कार्य किया एवं महिलाओं की शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. बलराम प्रसाद रोहितास सेवानिवृत्त ग्रंथपाल शासकीय महाविद्यालय द्वारा कहा गया की शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर बालिकायें अपने को शिक्षित एवं सशक्त बना सकती है। प्राचार्य डॉ.प्रमिला वाधवा के निर्देशन में वेबीनार का आयोजन किया गया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.शोभना जैन द्वारा आभार व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम का संचालन डॉ.रश्मि रजक एवं श्री प्रदीप पन्द्राम के द्वारा किया गया। इस वेबिनार में 160 से अधिक प्रतिभागी जुड़े थे। इस वेबिनार के आयोजन में समस्त महाविद्यालय स्टाफ का सहयोग रहा।