बैतूल। बैतूल-हरदा-हरसूद संसदीय क्षेत्र के भाजपा सांसद दुर्गादास उइके, पूर्व सांसद और भाजपा के प्रदेष कोषाध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल ने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)से मुलाकात कर बैतूल जिले को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का अनुरोध किया। मुलाकात के दौरान सांसद, पूर्व सांसद ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री को बताया कि बैतूल जिला प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न जिला है। यहां पर्यटन की अनेको संभावनाए है। इसलिए केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय को बैतूल जिले को अधिसूचित कर इसे विकसित करना चाहिए। श्री उइके ने बताया कि आदिवासी बाहुल्य जिला होने के कारा यहां आदिवासी राजाओं के किले है जो शासन के द्वारा पर्याप्त संरक्षण नही मिलने से जीर्ण शीर्ण हो रहे है। उन्होनें खेड़ला और असीरगढ किले का उल्लेख करते हुए कहा आदिवासी राजाओं के इतिहास और उनकी संस्कृति का संरक्षण किया जाना आवष्यक है। सांसद श्री उइके, पूर्व सांसद श्री खंडेलवाल ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री पटैल को बताया कि बैतूल जिले में धार्मिक पर्यटन की भी अपार संभावनाए है। उन्होनें बताया कि पुण्य सलिला माॅ ताप्ती का उदगम स्थल जिले के मुलताई में स्थित है। बैतूल जिले में ताप्ती नदी लगभग ढाई सौ किमी में बहती है। इसके तटो पर हर वर्ष मेेले लगते है। हसके अलावा सालबर्डी, भोपाली, अंबामाई, मुक्तागिरी जैसे प्रसिद्व धार्मिक स्थल है। जहाॅ पूरे देष से श्रद्वालू आते है। सांसद व पूर्व सांसद ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री को बताया कि बैतूल जिला चारो तरफ स ेवनो से घिरा हुआ है। यहाॅ प्राकृतिक स्थल भी है जिन्हे यदि संरक्षित और विकसित किया जाए तो जिला पर्यटन का प्रमुख केन्द्र बन सकता है। इस अवसर पर उन्होने कुकरू, रामपुर भतौड़ी जैसे स्थलो को विकसित करने की भी बात कही। उन्होने बताया कि जिले में प्राकृतिक स्थलो पर पारसडोह, घोघरी, निरगुढ़, मेंढा, सापना जैसे बडे जलाषय है जिनकी लोकेषन भी पर्यटन की दृष्टि से उत्तम है। साथ ही वाईल्ड लाईफ टूरिज्म की भी संभावनाएं है। सांसद दुर्गादास उइके, पूर्व सांसद हेमन्त खंडेलवाल ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल से बैतूल जिले की अधिसूचित करने और पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग की। जिस पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री ने आष्वस्त किया कि वे इस संबंध में राज्य सरकार से बात करेगंे और हर संभव प्रयास करेगंे।