शाहपुर। काल भैरव जयंती के अवसर पर ग्वाल चौक किर मोहल्ला शाहपुर में भैरव बाबा मंदिर में लोगों ने धूम धाम से मनाई भैरव अष्टमी इस पावन पर्व पर प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी बाबा की पूजा अर्चना कर महा आरती और प्रसादी वितरण किया गया। काल भैरव  अष्टमी का महत्व
कालभैरव दो शब्दों से मिलकर बना है। काल और भैरव। काल का अर्थ मृत्यु, डर और अंत। भैरव का मतलब है भय को हरने वाला यानी जिसने भय पर जीत हासिल किया हो। काल भैरव की पूजा करने से मृत्यु का भय दूर होता है और कष्टों से मुक्ति मिलती है। कालभैरव भगवान शिव का रौद्र रूप है। काल भैरव की पूजा से रोगों और दुखों से निजात मिल जाता है।
कालभैरव अष्टमी- 7 दिसंबर मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव अष्टमी के रूप में मनाई जाती है। आज कालभैरव अष्टमी है। इन्हें बीमारी, भय, संकट और दुख को हरने वाले स्वामी माने जाते हैं। इनकी पूजा से हर तरह की मानसिक और शारीरिक परेशानियां दूर हो जाती हैं।

By Vishal

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