सारनी। आज धीरे-धीरे 13 वर्ष बीत गए, प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के मुन्नी भैया एवं जिले के विकास पुरुष स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल जी हमें छोड़ कर गए हुए, किंतु ऐसा लगता है जैसे अभी कल ही की बात हो कि हम अपनी बड़ी से बड़ी समस्या लेकर उनके पास गए और वे हमारे पीठ पर हाथ रखते हुए मुस्कुराकर कहते थे चिंता क्यों करते हो मैं हूं न। मुन्नी भैया के व्यक्तित्व में कुछ ऐसा जादू था कि जो भी उनसे मिलता था उनका ही हो कर रह जाता था। इसी का परिणाम था कि जब बैतूल की जनता ने 1996 में पहली बार उनको अपने प्रत्याशी के रूप में देखा तो उनको अपनाकर सांसद के रूप में बैतूल जिले की सेवा करने का अवसर दिया, फिर उनके और आम जनता के बीच में ऐसा संबंध बना की मृत्यु पर्यंत तक क्षेत्र की जनता ने उन्हें अजेय रखा और उन्होंने भी क्षेत्र के विकास के साथ-साथ आम जनता की सुख-सुविधाओं का पूरा-पूरा ध्यान रखा। खण्डेलवाल जी के सांसद बनने से पहले बैतूल जिले में विकास का कोई भी ऐसा कार्य नहीं हुआ था जिसे उल्लेखनीय कहा जाय, किंतु जिले के विकास पुरुष स्वर्गीय खंडेलवालजी ने सांसद के रूप में विकास कार्यों की झड़ी लगा दी। अब्दुल्लागंज-नागपुर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा, बैतूल हरदा मार्ग जो कि स्टेट हाईवे भी नही था को राष्ट्रीय राजमार्ग बनवाना। कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना, घोड़ाडोंगरी और बेतूल में कंप्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण प्रणाली का शुभारंभ, बैतूल, मुलताई, घोड़ाडोंगरी में कई ट्रेनों का स्टॉपेज, कोयलाचंल क्षेत्र मे तवा टू खदान का शुभांरभ,स्टॉप डैम,डैम, पुल-पुलिया और सड़कों का जाल पूरे जिले में बिछाने का कार्य खंडेलवालजी कार्यकाल में ही हुआ। जब भीमपुर ब्लॉक में मलेरिया की महामारी फैली  तो खंडेलवाल जी के आग्रह पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा चिकित्सकों का एक दल भीमपुर भेजा गया और मलेरिया पर काबू पाया गया।
आज ही के दिन 13 वर्ष पूर्व अपने जीवन में कोई चुनाव ना हारने वाले मुन्नी भैया मृत्यु से हार गए और हम सब को छोड़कर देवलोक गमन कर गए। हम उनकी पुण्यतिथि पर उनके श्रीचरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

By Vishal

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