गूगल मीट के सहारे भक्ति रस में डूबी कुनबी संगठन की महिलाएं

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  • पुरुषोत्तम मास में ऑनलाइन मंच के माध्यम से महिलाओं ने की भक्ति
  • ऑनलाइन मंच के माध्यम से श्रवण की, पुरुषोत्तम मास की कथा
  • पुरुषोत्तम माह के अंतिम दिन महिलाओं ने अपने अपने घर पर एक साथ अर्पित की आहुतियां

बैतूल। क्षत्रीय लोणारी कुनबी समाज संगठन की महिलाओं ने ऑनलाइन माध्यम से पुरुषोत्तम मास बड़ी ही श्रद्धा और सादगी से मनाया। वैश्विक महामारी कोरोना काल में सुरक्षित रहने के लिए गूगल मीट से जुड़कर संगठन की महिलाएं भक्ति रस में डूबी रही।संगठन की अध्यक्ष श्रीमती संगीता घोड़की ने बताया कि 30 दिनों तक चले इस पुरुषोत्तम माह में ऑनलाइन मंच के माध्यम से पुरुषोत्तम माह की कथाओं का आयोजन किया गया। आमची माती आमची संस्कृति लोणारी कुनबी भगिनी के तत्वाधान में 18 सितंबर से पुरुषोत्तम मास का प्रारंभ कुछ नया अंदाज में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कोविड-19 के कारण सामूहिक रूप से पुरुषोत्तम मास कथा का श्रवण गूगल मीट पर ऑनलाइन मंच के माध्यम से प्रारंभ किया। –महिलाओं के लिए लाभदायक सिद्ध हुआ ऑनलाइन मंच–इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रत्येक दिन दीप प्रज्वलित फिर गणेश वंदना से प्रारंभ करते हुए पुरुषोत्तम मास की कथा, हर दिन की कथा प्रेरक प्रसंग और कोरोना के अनुभव तथा समापन विष्णु जी की आरती और गुरु वंदना से की। प्रत्येक दिन कार्यक्रम की रूपरेखा के आधार पर कार्यक्रम संचालित किया गया। साथ ही आरती का लाइव प्रसारण दिखाया। इस वैश्विक महामारी के कारण महिलाएं सामूहिक रूप से ईश्वर की आराधना करने में असमर्थ है यह प्रयास महिलाओं के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध हुआ है। पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा के दिन विष्णु जी के सहस्त्र नाम के साथ सबने अपने-अपने पूजा घर एक हजार तुलसी पत्र भगवान विष्णु को अर्पित किए और ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि इस महामारी से शीघ्र ही हमें छुटकारा दिलाए। –मराठी भाषा में आयोजित किया कार्यक्रम–पुरुषोत्तम माह में महिला संगठन प्रत्येक दिन एक नई ऊर्जा व उत्साह के साथ कुछ नया स्वरूप लेकर हर दिन को यादगार बनाने का प्रयास करता रहा। विशेष दिन मनोरंजक रहे जैसे एक दिन का मंच नई नवेली बहुओं को सौंपा, तो दूसरे दिन बेटियों को प्रदान किया, तीसरे दिन नन्हे-मुन्ने बच्चों को सौंपा। वहीं एक विशेष दिन का कार्यक्रम पूर्ण रूप से मराठी भाषा में आयोजित किया। एक दिन भगवान विष्णु के समक्ष भोग को एक विशेष रूप से लगाकर मनाया। एकादशी के दिन विष्णु सहस्त्रनाम के साथ और अपनी स्वेच्छा से से दान राशि भगवान के चरणों में अर्पित की।–अपने अपने घरों में एक साथ डाली आहुतियां–पुरुषोत्तम माह के अंतिम दिन महिलाओं ने अपने अपने घर पर एक साथ मंत्रों के उच्चारण के साथ यज्ञ में आहुतियां डाली और ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि शीघ्र ही यह बीमारी दूर करें संगठन का कहना है सामूहिक प्रार्थना में बहुत ताकत होती है। इस प्रकार इस विकट परिस्थिति में जब घर से बाहर नहीं निकल सकते, एक दूसरे से नहीं मिल सकते तो महिला संगठन ने गूगल मीट के माध्यम से जुड़कर अपना यह कार्यक्रम, अपने विचार एक दूसरे के समक्ष प्रस्तुत किए। महिलाओं ने बताया उन्हें इस कार्यक्रम से ऐसा लगा कि वह एक दूसरे के समीप ही है–हर कार्यक्रम में महिला संगठन की सक्रिय भूमिका–उल्लेखनीय है कि महिला संगठन सन 2012 से विभिन्न कार्यक्रम जैसे सामूहिक हल्दी कुमकुम कार्यक्रम, महिला दिवस, गुड़ी पड़वा, पौधारोपण कार्यक्रम को संचालित करता आ रहा है। लेकिन 22 मार्च 2020 से कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण निर्मित परिस्थिति के अनुसार अपने कार्यक्रम संचालित करने का प्रयास कर रहे हैं। संगठन ने कोरोना योद्धाओं को मास्क वितरित किए, पौधारोपण कार्यक्रम सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए किया। इसी तारतम्य में पुरुषोत्तम मास जो कि प्रत्येक तीसरे वर्ष वर्ष में आता है इसे भी परिस्थिति को देखते हुए और 21वीं सदी में डिजिटल इंडिया के साथ कदम से कदम बढ़ा कर अनूठे तरीके से मनाया। यह माह ईश्वर की भक्ति का माह है और विशेष दान पुण्य का महत्व है इसलिए सभी महिलाओं ने इन 30 दिनों तक चले यज्ञ में शामिल होकर आहुतियां डाली। –इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका–इस कार्यक्रम में अध्यक्ष श्रीमती संगीता घोड़की, उपाध्यक्ष अलका साबले, सचिव राजेश्वरी लिखितकर, कोषाध्यक्ष अलका वागद्रे, संयुक्त सचिव अनुराधा देशमुख, सह सचिव लता चढोकार, सह कोषाध्यक्ष ममता कुबड़े, सह उपाध्यक्ष राजेश्वरी खंडागरे का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की संयोजिका रेखा बारस्कर द्वारा ऑनलाइन दीप प्रज्ज्वलन एवं लाइव आरती के प्रति दिन दर्शन कराए। श्रीमती वंदना पंडागरे, सोनाली वागद्रे का सहयोग तथा संरक्षक मंडल श्रीमती कल्पना ताई धोटे, दया ताई मानकर, प्रभा ताई वागद्रे, माधुरी ताई साबले, चंद्रकांता लिखितकर, वंदना ताई देशमुख, ममता बाई देशमुख एवं चंद्रकला गावंडे के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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