शाहपूर। शाहपुर ब्लाक के ग्राम भयावाड़ी में शिक्षक जगदीश प्रसाद चौरे का दुखद निधन विगत 3 अक्टूबर को भोपाल में हो गया था स्वर्गीय जगदीश प्रसाद चौरे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों मैं सक्रिय रहने के साथ-साथ लेखक के नाम से भी जाने जाते थे ।ग्राम भयावाड़ी में प्रतिवर्ष होने वाले आयोजनों में भव्य मेला एवं भाई दूज और सत्संग जैसे कार्यक्रमों के आयोजनों में सक्रिय रहकर नेतृत्व करते थे ,स्वर्गीय जगदीश प्रसाद चौरे की याद में परिवार ने वृक्षारोपण और 12 यूनिट रक्तदान कर श्रद्धांजलि कार्यक्रम किया साथ ही मृत्यु उपरांत होने वाली रश्म तेरहवीं मैं मृत्यु भोज कुरीति के खिलाफ संकल्प लेकर मृत्यु भोज बंद किया। यह काफी सराहनीय और प्रशंसनीय पहल अब धीरे-धीरे विभिन्न क्षेत्रों में भी मृत्यु भोज बंद करने का निर्णय लगातार लिया जा रहा है। स्व.जगदीश प्रसाद चौरे शिक्षक के पुत्र दीपक,सावन चौरे ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद परिवार के द्वारा मृत्यु भोज बंद करने का निर्णय लिया गया है जो मानव समाज में व्याप्त कुरीति के खिलाफ सराहनीय कदम और प्रशंसनीय है मानव समाज में व्याप्त ऐसी कुरीतियों को एकजुट होकर बंद करें बहिष्कार करने का सतत प्रयास करें ।
छोटे बेटे आशीष चौरे ने बताया कि परिवार में दुखद घटना घट जाने के बाद व्याप्त कुरीति अनुसार अलग-अलग प्रकार के भोजन बनाकर दुख के माहौल को बदला जाता है दुखद परिवार ऐसे असहनीय दुख में सामाजिक रीति को बंद कर सामाजिक सेवा भाव कार्यों में बढ़ावा देते हुए वृक्षारोपण और रक्तदान एवं विभिन्न प्रकार के दान कर भावपूर्ण सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। इसलिए ऐसी कुरीति के खिलाफ परिवार ने मृत्यु भोज बंद करने का फैसला लिया ।

By Vishal

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