
सारनी। 100 टन कांटे के पास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के स्थान को परिवर्तित किया गया। बताया जाता हैं कि मंदिर के स्थान को परिवर्तित इसलिए किया गया कि प्लांट परिसर के अंदर रेल लाइन चलने के कारण बीच में मंदिर आ रहा था। जिसके बाद उस मंदिर की स्थापना सीएचपी 4 गेट के समीप टीपी 3 के समीप नया मंदिर बनाकर भगवान हनुमान की मूर्ति की पुनः स्थापना संपन्न हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवान हनुमान मंदिर स्थापना के लिये लगातार दो दिनों से हो रहे अनुष्ठान में अखंड रामायण का पाठ कर हवन आह्वान एवं हवन पूजन संपन्न हुआ। जिसके बाद 7 अगस्त को लगभग 2 बजे से अखंड रामायण का पाठ शुरू किया गया जो कि 24 घंटे बाद 8 तारीख को समापन हुआ। इसी तारतम्य के बीच भगवान हनुमान की मूर्ति को पुराने मंदिर से निकालकर पूरे सीएचपी में भ्रमण कराकर नए मंदिर में स्थापना की गई। इस दौरान सीएचपी के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सभी का भरपूर सहयोग मिला। भगवान हनुमान मंदिर को स्थापित करने के बाद सीएचपी के सारे श्रमिकों में हर्ष का माहौल हैं। बता दें कि पूर्व में भी पुराने मंदिर में प्रति मंगलवार सुंदरकांड का पाठ पहले भी हुआ करता था, जो कि निरंतर जारी रहेगा। मंदिर को पुनः स्थापित करने एवं भगवान हनुमान की मूर्ति स्थापना कराने के लिए सीएचपी के सभी अधिकारी, कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। वही इस कार्य में मुख्य रूप से मुख्य अभियंता संकुले, अधीक्षण अभियंता एसएन सिंह एवं के. सुरेश राव, सहायक अभियंता कोरी का विशेष रूप से मागदर्शन प्राप्त हुआ।