नई दिल्ली. देश कोरोनावायरस के संक्रमण से संघर्ष कर रहा है। इस बीच, सरकार ने आम आदमी, कारोबारियों और संकट में घिरे उद्योगों के लिए कई राहतभरी घोषणाएं कीं। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मौजूदा हालात पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए राहत पैकेज का ऐलान जल्द किया जाएगा। निर्मला ने कहा- अगले तीन महीने तक किसी भी एटीएम से पैसे निकालने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा। बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त को भी खत्म कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने और पैन-आधार लिंक करने की तारीख भी 30 जून तक बढ़ा दी गई है।

आम आदमी के लिए सरकार की तरफ से राहत के 4 कदम

  • 3 महीने तक किसी भी एटीएम से पैसे निकालने पर चार्ज नहीं लगेगा
  • खातों में मिनिमम बैलेंस रखना भी जरूरी नहीं
  • आईटीआर रिटर्न फाइल करने की तारीख भी 30 जून तक बढ़ाई गई
  • पैन-आधार लिंक करने की तारीख भी 30 जून तक बढ़ाई गई

उद्योगों को राहत के लिए सरकार का ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी, सीमा एवं उत्पाद शुल्क, दिवालिया कानून, बैंकिंग, फिशरी आदि से संबंधित कई प्रकार की घोषणाएं की। अधिकतर मामलों में आखिरी तारीख 30 जून तक बढ़ा दी गई है। 2018-19 के लिए देरी से इनकम टैक्स रिर्टन भरने की अंतिम तारीख 31 मार्च से बढ़कर 30 जून कर दी गई है। इस पर लगने वाले ब्याज 12 से घटाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। टीडीएस को देर से जमा करने पर ब्याज की दर 18% से घटाकर 9% की गई है। 

  • टीडीएस में देरी से पेमेंट करने पर लगने वाले ब्याज को 18% से घटाकर 9% कर दिया गया है।
  • वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स फाइल करने के लिए आखिरी तरीख 30 जून तक बढ़ाई गई।
  • विवाद से विश्वास स्कीम और आधार-पैन लिंक की तारीख भी बढ़ाकर 30 जून की गई।
  • 5 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वाली कंपनियों को लेट जीएसटी फाइलिंग पर कोई ब्याज, पेनाल्टी और लेट फीस नहीं लगेगी। मार्च-अप्रैल-मई में फाइलिंग की तारीख 30 जून तक बढ़ाई गई।
  • आयातकों और निर्यातकों को भी राहत, कस्टम क्लियरेंस अब 30 जून तक जरूरी सेवाओं में शामिल। 24 घंटे काम करेगी।
  • इस वर्ष कंपनियों के डायरेक्टरों को 182 दिन देश में रहने की अनिवार्यता से राहत दी गई।
  • एक करोड़ से कम का कारोबार करने वाली कंपनियों के खिलाफ दिवाली प्रक्रिया नहीं शुरू की जाएगी।

संक्रमण के चलते मंदी की ओर अर्थव्यवस्था

कोरोनावायरस फैलने से पहले ही देश की अर्थव्यवस्था सुस्ती में जा चुकी थी, लेकिन कोरोनावायरस फैलने से अब इसके मंदी की ओर जाने की आशंका जाहिर की जा रही है। इसके अलावा कई राज्यों में कर्फ्यू और करीब-करीब पूरे देश में लॉकडाउन जैसे हालात ने औद्यौगिक गतिविधियों को ठप कर दिया है। 

By Vishal

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