सारनी। शनिवार शाम लगभग छह बजे मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के सारनी स्थित अस्पताल में मॉनिटर लिजर्ड घुसने की सूचना अस्पताल के स्टाफ़ के माध्यम से पीपल फॉर एनिमल्स यूनिट सारनी के अध्यक्ष आदिल खान को दी गई। जिस पर अस्पताल पहुँचकर लगभग आधे घंटे की मेंहनत के बाद आदिल ने मॉनिटर लिजर्ड को रेस्क्यू किया। रेस्क्यू उपरांत वहां मौजूद लोगों को व अस्पताल के स्टाफ़ को मॉनिटर लिजर्ड के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह ज़हरीले नहीं होते और मनुष्य से बहुत डरते है।  मनुष्यों को देखते ही यह भाग जाते हैं। आदिल ने बताया की यह वन्य प्राणी अधिनियम 1972 के अंतर्गत संरक्षित है, इन्हें मारना अपराध की श्रेणी में आता है।
सारनी शहर से शनिवार व रविवार को वन्य प्राणियों के संरक्षण का कार्य कर रहें आदिल ने छह अलग-अलग स्थानों से कोबरा, धामन, चेकरड़ किल बेक, ब्रोंज़ बेक ट्री स्नेक इत्यादि साँपों को रेस्क्यू करके जंगल में छोड़ा गया। आदिल ने बताया रविवार रात लगभग डेढ बजे सेंट्रल बैंक के पास एक घर से उन्होंने व उनके साथ रेस्क्यू सीख रहें नेल्सन ने कोबरा भी रेस्क्यू किया, जिसे रात में ही जंगल में उचित स्थान पर छोड़ दिया गया।

By Vishal

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