• परिवार बोला- अपने बाल नोचे, पहचानना भूले, तड़प रहे थे
  • चिताएं देख रो पड़ा गांव

सागर। मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 3 की मौत शनिवार देर रात हुई। फिलहाल 25 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 17 सागर जिला अस्पताल, 7 बंडा सिविल अस्पताल और 1 मरीज एम्स भोपाल में भर्ती है, जिसे एयरलिफ्ट कर ले जाया गया। कई मरीजों के शरीर नीले पड़ गए हैं। मामले में 30 आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। बंडा थाने में 20 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, जिनमें से 10 को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, विनायक थाने में भी 10 आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। आरोपियों पर BNS की धारा 105, 3(5), 123 और आबकारी अधिनियम की धारा 49-A के तहत कार्रवाई की गई है। एसपी अनुराग सुजानिया के निर्देश पर पुलिस अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। शराब के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। लापरवाही पर आबकारी-पुलिस विभाग के 5 अधिकारी सस्पेंड किए गए हैं। इनमें सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, बंडा के आबकारी उप निरीक्षक रोशनी उरेते, गूगरा चौकी प्रभारी ASI पूरन सिंह और बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरज श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।

नौराज और गूगरा खुर्द पहुंचे कमिश्नर-आईजी

मौतों के बाद सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी ग्राम नौराज और गूगरा खुर्द पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। एहतियातन क्षेत्र की 7 शराब दुकानों को सील किया गया है। इनमें बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा की दुकानें शामिल हैं।अधिकारी दुकानों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेज रहे हैं।

जहरीली शराब का नेटवर्क तलाशा जा रहा

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि मामला नौरोजा और घुघरा खुर्द गांव का है। शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे जहरीली शराब पीने से लोगों के बीमार होने की सूचना मिली। इसके बाद प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों ने स्क्रीनिंग शुरू की। लक्षण मिलने पर उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) भेजा जा रहा है। करीब 35 लोगों को अस्पताल लाया गया है। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर मरीजों को BMC और सागर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने BMC में संदिग्ध मरीजों के लिए अलग बेड की व्यवस्था की है।

पोस्टमॉर्टम में मिथाइल अल्कोहल का शक कलेक्टर प्रतिभा पाल के मुताबिक, 2-3 शवों के पोस्टमॉर्टम में मिथाइल अल्कोहल के सेवन की आशंका सामने आई है। कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ गए हैं। उनमें अकड़न भी महसूस हुई है। उल्टी, सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराने की अपील की जा रही है।

UP के ललितपुर से शराब सप्लाई का शक

एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया- शुरुआती जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ललितपुर में भी इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। एहतियात के तौर पर इलाके की 6 शराब दुकानों को सील कर दिया गया है। इनके सैंपल भी लिए जा रहे हैं। अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी और कलेक्टर-SP समेत कई अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों से मुलाकात की।

रिश्तेदार ने बताया- आधे घंटे में मौत

बम्हुराबेड़ा निवासी रामकुमार दांगी ने बताया- उनके चचेरे भाई समेत गांव में 4 लोगों की मौत हुई है। एक व्यक्ति की पहले दिन और तीन की दूसरे दिन मौत हुई। रामकुमार का दावा है कि तीन लोगों ने साथ में शराब पी थी। इसके बाद उनके शरीर अचानक ठंडे पड़ने लगे और करीब आधे घंटे में उनकी मौत हो गई।

CM बोले- दोषियों को बख्शेंगे नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई रवाना होने से पहले कहा कि उन्होंने प्रभारी मंत्री और अधिकारियों को घटना की तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं करेगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जीतू पटवारी बोले- शराब माफिया बेखौफ क्यों हैं?

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर पोस्ट कर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी सागर में जहरीली शराब के कारोबार को कथित सरकारी संरक्षण मिलने का मुद्दा उठा चुकी है। जहरीली शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है। शराब माफिया बेखौफ क्यों हैं।

उमंग सिंघार बोले- अवैध शराब के कारोबार से मौतें

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर मेडिकल कॉलेज में पीड़ितों और उनके परिजन से मुलाकात की। मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।सिंघार ने कहा कि मरीजों के शरीर नीले पड़ने और कम समय में मौत होने की बात भयावह है। उन्होंने इसे अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बताया। वहीं, राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने कहा- सरकारी व्यवस्था फेल हुई है। अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज कर उनकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश करने की मांग की।

पूर्व विधायक ने मांगा 1 करोड़ मुआवजा

वहीं, बंडा के पूर्व कांग्रेस विधायक तरवर सिंह लोधी ने कहा- जिम्मेदार लोगों पर हत्या का केस दर्ज हो। मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है। उनका दावा है कि पिछले 3-4 दिनों में हजारों लोगों ने यह शराब पी है।

By Vishal

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