बैतूल। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती के अवसर पर श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा 1 सितंबर को भैंसदेही से निकली। इस दौरान गाजे- बाजे के साथ यात्रा ने स्थानीय मंदिरों का भ्रमण किया। यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। यात्रा प्रमुख ग्रामों का भ्रमण करते हुए रतनपुर पहुंची, तत्पश्चात यात्रा का रात्रि विश्राम किया गया। यात्रा में जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक बंधु, संत रविदास समाज के अनुयायी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक शामिल हुए। यात्रा के दौरान संत रविदास जी के विचारों और उनके द्वारा दिए गए सामाजिक समरसता, समानता एवं भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
इन विकासखंडो में पहुंचेगी संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की समरसता कलश यात्रा
संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की समरसता पावन कलश एवं कलश रथ जिला मुख्यालय से स्थानीय रविदास मंदिरों तथा ग्राम स्तर तक पहुंचाए जाएंगे। कलश रथ 20 अगस्त से 10 सितंबर तक जिले में निर्धारित मार्ग के अनुसार भ्रमण करेगा। संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की समरसता कलश यात्रा 2 सितंबर को रतनपुर से भीमपुर चिरापतला भ्रमण एवं रात्रि विश्राम रहेगा।
इसके अलावा घोड़ाडोंगरी विकासखंड में 3 सितंबर को यात्रा चिरापाटला से चिचोली नगर भ्रमण एवं रात्रि विश्राम, 4 सितंबर को चिचोली नगर से पाढर भ्रमण एवं रात्रि विश्राम, 5 सितंबर को पाढर से घोड़ाडोंगरी, चोपना भ्रमण तथा रात्रि विश्राम रहेगा। बैतूल विकासखंड में 6 सितंबर को यात्रा चोपना नगर से बडोरा बैतूल पहुंचेंगी तथा रात्रि विश्राम रहेगा। वहीं 7 सितंबर को यात्रा बडोरा से बैतूल बाजार नगर भ्रमण एवं रात्रि विश्राम, 8 सितंबर को बैतूल बाजार से खेड़ी सांवलीगढ़ भ्रमण एवं रात्रि विश्राम, 9 सितंबर को खेड़ी सांवलीगढ़ से बैतूल नगर भ्रमण, स्थानीय मंदिरों का भ्रमण एवं रात्रि विश्राम रहेगा तथा 10 सितंबर को बैतूल नगर भ्रमण कर शाम 6 बजे यात्रा का समापन किया जाएगा।
मंदिरों में होंगे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन
कलश रथ के भ्रमण के दौरान जिला, ग्राम एवं चिन्हित स्थानीय रविदास मंदिरों में कलश का भव्य स्वागत किया जाएगा। इस दौरान सामूहिक आरती, गुरु वाणी पाठ, भजन संध्या, समरसता संकल्प, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण, प्रभात फेरी, झांकी, दीप प्रज्ज्वलन एवं अन्य धार्मिक-सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भजन मंडली प्रतियोगिता सहित विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों के माध्यम से संत रविदास जी के विचारों और संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
अभियान के दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थित संत गुरु रविदास मंदिरों एवं उनके परिसरों में साफ-सफाई तथा आवश्यक विकास कार्य कराए जाएंगे। अनुसूचित जाति केंद्रित मंडलों की पहचान कर संबंधित क्षेत्रों में स्थित संत रविदास मंदिरों की सूची तैयार करने तथा मंदिर समितियों एवं संतों से संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के तहत संत सम्मेलन, आध्यात्मिक संवाद, समरसता गोष्ठी एवं सत्संग आयोजित किए जाएंगे। इनमें संत रविदास जी के जीवन, विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।