- अधिकारी समय पर ऑफिस आएं, केन-मंदाकिनी नदी जोड़ों पर यूपी सरकार से होगी मीटिंग
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए मंत्रालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहने की व्यवस्था निर्धारित कर दी है, तो उसका सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और रवानगी दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जाए। आवश्यकता पड़ने पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए।
बड़े मंदिरों में होमगार्ड की नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर होमगार्ड के पद सृजित किए जाएं और मंदिर समितियों के व्यय से उनकी नियुक्ति की व्यवस्था बनाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने अग्निवीरों को मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल में आरक्षक पदों पर भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश गृह विभाग को दिए।
पहले वरिष्ठ अधिकारी करें आदेश का पालन
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय की पाबंदी सबसे पहले वरिष्ठ अधिकारी स्वयं अपनाएं और उसके बाद अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यों को अभियान चलाकर समय-सीमा में पूरा करने के भी निर्देश दिए।
चित्रकूट और मंदाकिनी परियोजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट के विकास कार्यों में तेजी लाई जाए। सती अनुसुईया मंदिर परिसर, मल्टी फैसिलिटी सेंटर और गुप्त गोदावरी मंदिर परिसर के निर्माण कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं। उन्होंने बताया कि मंदाकिनी नदी जोड़ो परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार सहमत है और जल्द ही दोनों राज्यों के बीच बैठक कर परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अमरकंटक, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, ओरछा और मैहर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर धर्मशाला, सराय, अन्न क्षेत्र, प्याऊ, पेयजल टंकी, अस्पताल और अन्य जनसुविधाओं के निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके लिए धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं को रजिस्ट्री शुल्क में छूट, अनुदान अथवा अन्य रियायतें देने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
भेल की अनुपयोगी जमीन वापस लेने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को आवंटित अनुपयोगी सरकारी भूमि वापस लेने के लिए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय से समन्वय किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के रासायनिक कचरे से मुक्त हो चुके क्षेत्र में एक भव्य स्मारक विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके लिए गुजरात के भुज स्थित संग्रहालय का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट और ममलेश्वर के विकास के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने, रामवन गमन पथ परियोजना एवं श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना को समय-सीमा में पूरा करने तथा उज्जैन में नए हवाई अड्डे के निर्माण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि नए हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य का भूमिपूजन कराया जाएगा।
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