सारनी। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत संचालित उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के तहत शिक्षकों के तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन प्रमाण-पत्र वितरण के साथ संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत किशोर-किशोरियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की क्षमता संवर्धन करना था।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों को किशोर स्वास्थ्य, जीवन कौशल शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, लैंगिक समानता, नशा मुक्ति, सुरक्षित व्यवहार तथा स्वास्थ्य एवं कल्याण गतिविधियों के प्रभावी संचालन संबंधी विषयों पर विस्तृत जानकारी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं एवं सहभागितापूर्ण सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु तैयार किया गया।समापन अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार आठ्या उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय स्तर पर किशोर स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के समाधान में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन प्रदान कर उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।कार्यक्रम में BGMS की ओर से ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर कुशल दांगी एवं अविनाश वर्मा की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता की सराहना करते हुए विद्यालयों में कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने का आह्वान किया।समापन सत्र में सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सफल कार्य निष्पादन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। प्रशिक्षण के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं ग्राम भारती महिला मंडल के संयुक्त प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी, प्रशिक्षकगण एवं प्रतिभागी शिक्षक उपस्थित रहे।

By Vishal

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