जिले के सभी स्कूलों के 500 मीटर क्षेत्र को बनाया जाए नो-ड्रग जोन

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  • नशा मुक्ति के प्रति चलाए जन जागरूकता अभियान

बैतूल। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की अध्यक्षता में नारकोटिक्स एवं अन्य नशीली दवाओं की रोकथाम तथा बेहतर समन्वय के संबंध में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशा मुक्ति एवं नशीले पदार्थों की रोकथाम से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की गई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन ने निर्देश दिए कि जिले के सभी स्कूलों के 500 मीटर क्षेत्र को नो-ड्रग जोन बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में ड्रग्स, स्मैक एवं आर्टिफिशियल नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता लाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाए।

पुलिस अधीक्षक श्री जैन ने बताया कि गत वर्ष चोपना एवं रानीपुर क्षेत्र में अफीम की खेती के प्रकरण में मंदसौर एवं नीमच से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कृषि, वन एवं राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि नशीले पदार्थों की अवैध खेती से संबंधित जानकारी तत्काल पुलिस विभाग को उपलब्ध कराई जाए। आबकारी विभाग को भी पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर नारकोटिक्स ड्रग्स के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया।

कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि जिले के सभी स्कूलों में दिसंबर तक रोस्टर बनाकर नशा मुक्ति संबंधी जन जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने पुलिस और रेवेन्यू को स्कूलों के पास संचालित ऐसी गुमठियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्ति पर केंद्रित खेल गतिविधियों के आयोजन के भी निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति से जुड़े गैर सरकारी संगठनों के संपर्क नंबर सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित कराने को कहा।

बैठक में एसडीओपी श्री सुनील लाटा, एसडीओ फॉरेस्ट श्री ध्रुव श्रीवास्तव, एसडीओ फॉरेस्ट श्री सुंदर निवेदन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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