• सीमावर्ती राज्य से जिले में गेहूं की आवक न हो, सीमा पर सख्त निगरानी के निर्देश
  • तहसीलदार द्वारा किया गया सत्यापन ही मान्य
  • किसानों को उर्वरकों का सही मात्रा और समय पर वितरण हो
  • केंद्रीय मंत्री श्री उईके, विधायक श्री खंडेलवाल एवं सभी विधायकों की उपस्थित में उपार्जन की समीक्षा बैठक आयोजित

बैतूल। रबी विपणन सत्र के अंतर्गत गेहूं एवं चना उपार्जन की व्यवस्थाओं को लेकर आज केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बैतूल हेमंत खंडेलवाल सहित जिले के सभी विधायकों की उपस्थिति में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बैठक में विधायक भैंसदेही श्री महेंद्र सिंह चौहान, विधायक मुलताई श्री चंद्रशेखर देशमुख, विधायक आमला डॉ योगेश पंडाग्रे, विधायक घोड़ाडोंगरी श्रीमती गंगाबाई उईके, अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट, जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य श्री सुधाकर पवार सहित उपार्जन सम्बन्धी अधिकारी गण उपस्थित रहें।

बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री उईके ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अन्नदाता किसानों को खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। खरीदी केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को सुगमता से अपनी उपज बेचने में सहूलियत मिल सके।

विधायक श्री खंडेलवाल ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि सीमावर्ती राज्यों से जिले में गेहूं की अवैध आवक न हो, इसके लिए सीमाओं पर चेकिंग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र एवं पंजीकृत किसानों से ही उपार्जन किया जाए तथा चना खरीदी के लिए मंडी स्तर के 5 केंद्रों के अलावा अतिरिक्त गोदाम स्तरीय केंद्र भी संचालित किए जाएं।

बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी श्री के.के. टेकाम ने जानकारी दी कि तहसीलदार द्वारा किया गया सत्यापन ही मान्य किया गया है, किसानों के स्लॉट बुकिंग में परेशानी नहीं होगी। इसी के साथ छोटे किसानों के साथ अब बड़े किसानो की भी स्लॉट बुकिंग प्रारंभ कर दी गई है।

किसानों को उर्वरक उपलब्धता के मुद्दे पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। विधायक श्री खंडेलवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ई-टोकन प्रणाली के तहत किसानों को पर्याप्त मात्रा में और समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, किसानों के फॉर्मर आईडी बनाने के लिए जिले में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। हालांकि वर्तमान में आधार के माध्यम से ही खाद बुकिंग की सुविधा जारी है।

विधायक श्री खंडेलवाल ने बताया कि एन.पी.के. मानकों के अनुसार उर्वरक चयन में किसानों को दिक्कत हो रही है। इस पर उन्होंने सुझाव दिया कि ई-टोकन पोर्टल पर उर्वरकों के विकल्प जिससे एनपीके मानक की पूर्ति हो जाए, उनकी मात्रा स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि किसानों को सही चयन में सुविधा मिल सके। साथ ही किसानों को ई टोकन प्रणाली पर यथासंभव नजदीकी विक्रय केंद्रों पर उर्वरक उपलब्ध हो।

विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे और विधायक मुलताई श्री चंद्रशेखर देशमुख ने चना उपार्जन की मात्रा के सम्बन्ध में जानकारी ली और खाद अग्रिम उठाव व्यवस्था को पहले की तरह लागू रखने की बात कहीं। वहीं, प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल खराब होने की स्थिति में आपातकालीन उर्वरक व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी बात कही गई।

विधायक गंगाबाई उईके ने अपने क्षेत्र में अतिरिक्त चना खरीदी केंद्र खोलने का प्रस्ताव रखा। वहीं विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने सैटेलाइट सर्वे के आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर होने की बात कहते हुए वास्तविक स्थिति को ही मान्य करने की मांग की। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि किसानों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।

By Vishal

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