- अब अपराधियों का बचाना संभव नहीं
- बड़ी संख्या में श्रम कल्याण भवन में उपस्थित जनप्रतिनिधि आम नागरिक
सारनी। एक जुलाई से लागू हुए तीन नए कानून को लेकर सारनी के नया समाज कल्याण केंद्र में सारनी एसडीओपी रोशन कुमार जैन की उपस्थित मे जनप्रतिनिधि एवं समाज के लोगों को जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम यह कानून लागू हुआ है, उन्होंने उपस्थित अतिथियों को जानकारी देते हुए बताया कि इन कानून ने में भारतीय दंड संहिता आईपीसी 1860,आपराधिक प्रक्रिया संहिता सीआरपीसी 1898 और 1973 भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1972 की जगह लेने का कार्य किया है। थाना प्रभारी अरविंद कमरे ने जानकारी देते हुए बताया कि नए कानून में महिलाओं के खिलाफ अपराध के पीड़ितों को 90 दिनों के भीतर अपने मामले पर नियमित अपडेट प्राप्त करने का अधिकार होगा साथ ही सभी अस्पतालों को महिला और बच्चों से जुड़े अपराध के मामले में मुक्त इलाज करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय साहिता को लेकर 24 वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार थाना सारनी अंतर्गत श्रम कल्याण केंद्र में नवीन कानून लागू होने पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें नवीन कानून भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवम भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 तथा महिला एवं बच्चों संबंधी अपराध,यातायात नियम आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई और लोगों से इस संबंध में लोगो से विचारों का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सारनी एसडीओपी रोशन जैन,थाना स्टाफ,नायब तहसीलदार संतोष पथोरिया, विधायक प्रतिनिधी रंजीत सिह,पत्रकार बंधुगण,जनप्रतिनिधि , गणमान्य व प्रतिष्ठित नागरिक, वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड पाथाखेड़ा और मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के सुरक्षा विभाग, ग्रामीण जन सहित लगभग 200 लोग की उपस्थिति में नए कानून के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने का कार्य करने के अलावा उपस्थित लोगों से संवाद करने का कार्य भी किया गया।