भोपाल। कोरोना ने एक बार फिर देश में दस्तक दे दी है। केरल में 325 नए मरीज मिलने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश में कोविड गाइडलाइन तुरंत लागू कर दी गई है। सभी लोग दिशा-निर्देश का पालन करें, ताकि कोविड को फैलने से रोका जा सके। बता दें कि जेएन.1 सब वैरिएंट (JN.1 Sub Variant) के पहले मामले का पता चलने पर केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के मुताबिक, यह मामला 8 दिसंबर को केरल के तिरुवनंतपुरम में सामने आया था। जब 79 साल की एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। महिला में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण थे। हालांकि, बाद में वह स्वस्थ हो गई थी।

देश और प्रदेश में कोरोना की स्थिति

  • मध्यप्रदेश में अभी कोरोना के कुल 2 एक्टिव केस हैं।
  • मध्यप्रदेश में अभी तक कोरोना से कुल 10786 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • देश में कोरोना मामलों की कुल संख्या 4.50 करोड़ के पार हो गई।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में रिकवरी रेट 98.81 प्रतिशत है।
  • अब तक भारत में कोविड-19 से 5,33,316 लोगों की मौत हो चुकी है।

60 वर्ष से अधिक उम्र है तो रहें सावधान

  • अगर उम्र 60 वर्ष से अधिक है और कोई बीमारी है तो सावधान रहें।
  • कोई लक्षण है तो ऑक्सीजन लेवल जांचते रहें।
  • ऑक्सीजन का लेवल गिरता है ताे डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
  • टेली मेडिसिन की मदद ले सकते हैं।

कब गंभीरता से लेना है

  • लगातार 100 डिग्री से ज्यादा फीवर रहता है।
  • सांस लेने में दिक्कत आ रही हो।
  • सीने में लगातार दर्द और दबाव महसूस करना।
  • दिमागी तौर पर कन्फ्यूजन बना रहना।
  • लगातार थकान और मांसपेशियों में दर्द रहना।

सरकार ने इन बातों को किया रेखांकित

  • आने वाले त्योहारों को देखते हुए राज्यों को अपेक्षित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय और अन्य व्यवस्थाएं करने की सलाह दी गई है।
  • राज्यों को नियमित आधार पर एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (IHIP) पोर्टल सहित सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) मामलों की जिलेवार निगरानी और रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है, ताकि ऐसे मामलों की शुरुआती बढ़ती प्रवृत्ति का पता लगाया जा सके।
  • राज्यों को सभी जिलों में कोविड-19 परीक्षण दिशानिर्देशों के अनुसार पर्याप्त परीक्षण सुनिश्चित करने और आरटी-पीसीआर और एंटीजन परीक्षणों की अनुशंसित हिस्सेदारी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
  • राज्यों को आरटी-पीसीआर परीक्षणों की संख्या बढ़ाने और पॉजिटिव नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भारतीय एसएआरएस सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) प्रयोगशालाओं में भेजने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
  • राज्यों को अपनी तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं का जायजा लेने के लिए ड्रिल करने की सलाह दी।

By Vishal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *