- कांग्रेस और भाजपा के तरफ से कौन उम्मीदवार होगा इसके पत्ते अभी ओपन नहीं
सारनी। पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक 14 के भारतीय जनता पार्टी से निर्वाचित हुए पार्षद मनोज ठाकुर की सड़क दुर्घटना में 14 जुलाई को उपचार के दौरान एम्स अस्पताल में मौत हो जाने के बाद यह वार्ड खाली हो गया था इस वार्ड में 6 माह के भीतर चुनाव निर्धारित किए जाने हैं। इसको लेकर चुनावी रणनीति तैयार हो गई है। प्रशासन की तरफ से निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देश 15 दिसंबर को 10 बजे किया जाएगा जबकि स्थान सीटों के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन 15 दिसंबर को 10.30 बजे से किया जाएगा, मतदान केंद्रो की सूची का प्रकाशन 15 दिसंबर को ही होना तय किया गया है। इसके अलावा नाम निर्देश पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 22 दिसंबर तय की गई है नाम निर्देशन पत्रों का सर्वेक्षण जांच 23 दिसंबर को 10.30 बजे किया जाएगा। अभ्यर्थियों के नाम वापसी लेने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर को 10.30 बजे से दोपहर 3 तक निर्वाचन आयोग के माध्यम से तय की गई है। निर्वाचन लडऩे वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना और निर्वाचन प्रशन का आवंटन 26 जनवरी को अभ्यर्थियों के नाम वापसी के ठीक बाद किया जाएगा। 5 जनवरी को सुबह 7 से लेकर 5 बजे तक मतदान किया जाएगा और 9 जनवरी को निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की जाए।
कांग्रेस और भाजपा की तरफ से कौन
हो सकता है प्रत्याशी
पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक 14 में दिवंगत पार्षद मनोज ठाकुर की पत्नी बेबी ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रत्याशी के रूप में लडऩे की तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी भाजपा की तरफ से स्पष्ट नहीं हो पाया है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से तीन से चार लोगों ने वहां पर टिकट के दावेदारी की है। लेकिन मनोज ठाकुर की धर्मपत्नी बेबी ठाकुर को भाजपा अपनी तरफ से प्रत्याशी घोषित करती है तो उन्हें सिंपैथी वोट मिलेंगे और यह सीट भाजपा के खाते में आ सकती है। यदि इस सीट पर किसी दूसरे प्रत्याशी को भाजपा की तरफ से लड़ाया गया तो निश्चित तौर पर भाजपा को नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि कांग्रेस की तरफ से भी इस वार्ड में कई दावेदारों के नाम सामने आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पूर्व कांग्रेस के प्रत्याशी के अलावा दूसरे किसी अन्य को भी इस चुनाव में कांग्रेस अपनी तरफ से प्रत्याशी बना सकती है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार होने के बाद कांग्रेस इस चुनाव में प्रत्याशी के चयन और चुनाव लडऩे में किसी भी तरह की कोताही बरतने को तैयार नहीं है। इस चुनाव को लेकर कांग्रेस की तरफ से बैठकों का दौर भी जारी हो चुका है अब देखना है कि कांग्रेस और भाजपा अपनी तरफ से किसे प्रत्याशी घोषित करती है।