- शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का किया सम्मान हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
सारनी। विद्यार्थियों को पढ़ के अलावा अपने विद्यार्थी जीवन में किसी दूसरे पहलू की ओर ध्यान नहीं देना चाहिए विद्यार्थी जीवन में अनुशासन और नियम का पालन करता है तो निश्चित तौर से सफलता उसके चरणों में जाकर गिरती है। यह उद्गार पीएलएस इंटरनेशनल स्कूल सुखाढाना के संचालक लोकेश सोनी ने शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर 700 से अधिक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किया,उन्होंने कहा कि कक्षा पहली से लेकर कक्षा 12वीं तक विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर शिक्षा का पाठ पढ़ने का कार्य एक शिक्षक करता है।शिक्षक की 12 साल की मेहनत उसे विद्यार्थियों को समाज का बेहतर नागरिक और प्रशासनिक महक में का अधिकारी कर्मचारी और सरकारी संयंत्र और तंत्र को संचालित करने वाला अधिकारी के पद तक बैठने का कार्य करता है। उन्होंने यह कहा कि हमारे स्कूल के माध्यम से शिक्षा का अधिकार अधिनियम का पूरी तरीके से पालन करने का कार्य किया जाता है हमारा उद्देश्य यह है कि गरीब से गरीब तपके का विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहे इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन के माध्यम से उपस्थित शिक्षकों को शिक्षा दिवस के अवसर पर सम्मानित करने का कार्य किया गया। साथ ही 700 से अधिक विद्यार्थियों के माध्यम से 45 कप्तान का चयन किया गया और उन 45 कैप्टन को स्कूल संचालक के माध्यम से बेच लगने का कार्य किया गया।इसके अलावा शिक्षा दिवस के अवसर पर पीएलएस इंटरनेशनल स्कूल प्रांगण में 4 घंटे से अधिक समय तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी बड़े हर्ष उल्लास के साथ आयोजित किया गया।विद्यार्थियों के माध्यम से भ्रत से लेकर राष्ट्रपति तक कैसे बन जाता है इसकी कलआकृति के माध्यम से झांकी भी प्रस्तुत करने का कार्य किया गया जिसकी विद्यार्थियों के माध्यम से ताली बजाकर इस कार्यक्रम की भुरी भुरी प्रशंसा की गई कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के स्टाफ के माध्यम से हर संभव प्रयास किया गया साथ ही स्कूल के शिक्षकों को स्कूल के संचालक लोकेश सोनी के माध्यम से सम्मानित करने का कार्य किया गया। जिसमें सुमैया परवीन,रीना राजा,अनीता जैन,सुनील भुमरकर,उमेश श्रीवास्तव,इसराइल अली,शैलेंद्र लोखंडे,पूजा विश्वकर्मा,केशव गिरी, पूजा पवार,ज्योति भूमरकर,कंचन सोनी को सम्मानित करने का कार्य किया गया। इस अवसर पर स्कूल का स्टाफ विद्यार्थी और बड़ी संख्या में अभिभावक कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थे।