• चिचोली पाढर शाहपुर भीमपुर इटारसी जा रहा कोयला

सारनी। आखिर कौन लोग हैं जो टेमरू और शिवनपाठ से अवैध कोयला खनन करके जिले के चार से पांच ब्लाकों में अवैध कोयला पहुंचाने का गोरख धंधा कर रहा है आखिर प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं लग पा रही है यह भी जांच का विषय बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि प्रेम और हसरफ नामक व्यक्ति टेमरू से अवैध कोयला खनन करके बैतूल चिचोली भीमपुर इटारसी में संचालित होने वाले ईट भट्टों पर ओने पौने दामों पर कोयला पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इसे भी आश्चर्य की बात तो यह है कि अवैध कोयला खनन का कार्य जारी है और प्रशासन के आला अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं है आखिर ऐसी क्या वजह है कि प्रेम और असरफ के माध्यम से संचालित किए जाने वाले कोयले के अवैध खनन की जानकारी प्रशासन के कान तक नहीं पहुंच पा रही है।

अवैध कोयले की चोरी करने वाले लोग हैं कर रहे हैं एक दूसरे की शिकायत

तवा नदी के आसपास में अवैध तरीके से कोयले की खदान संचालित करके कोयला खनन करने का कारण लंबे समय से चल रहा है। चार-पांच अलग-अलग दल के लोग अवैध तरीके से कोयला खनन करके बेचने का काम कर रहे थे। जिसमें जनपद पंचायत घोड़ाडोगरी के एक सदस्य शामिल होने की जानकारी भी चर्चा में बनी हुई है।बताया जाता है कि जो लोग वर्तमान समय में अवैध तरीके से टेमरू से कोयला खनन करके बेचने का काम कर रहे हैं कुछ समय पहले सभी लोग एक साथ कोयला खनन करने का कार्य करते थे लेकिन आभी सामंजस ना बनने के कारण अलग-अलग दलों में बट गए हैं और जो किसी समय मे एक साथ कोयला चोरी करने का कार्य किया करते थे वह सभी एक दूसरे की जिला प्रशासन को शिकायत करने में जुटे हुए हैं।ऐसी स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से कोयले के खनन के कारण जिन लोगों का नाम सुर्खियों में आता है ऐसे लोगों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि अवैध कोयले के खनन के कारोबार पर रोक लग सके।अब जांच का विषय यह है कि कोयला चोरी के कार्य में कौन-कौन लोग शामिल है और कौन-कौन पहले कोयला चोरी किया करते हैं जिला प्रशासन के माध्यम से रासुका या फिर जिला बदल की गंभीर कार्रवाई करें तो अवैध तरीके से कोयले की चोरी और अवैध खनन पर अंकुश लग जाएगा।

जिले में अवैध ईट भट्टी की भरमार

बैतूल जिले में 10 ब्लॉक है और दसों ब्लॉकों में इन दिनों अवैध तरीके से आदिवासियों की भूमि को बटाई पर लेकर अवैध रूप से ईट भट्टे का संचालन किया जा रहा है यदि जिला मुख्यालय एवं दसों ब्लॉक के तहसील स्तर पर नियम के अनुरूप ईट भट्टा संचालित करने की बात की जाए तो किसी के पास भी कोई शासकीय दस्तावेज नहीं होंगे जिससे ईट भट्टा संचालित हो सके इससे भी आश्चर्य की बात तो यह है कि भौरा के पास चिमनी के माध्यम से ईट भट्टा संचालित करने का कार्य किया जा रहा है जिस व्यक्ति के माध्यम से चिमनी लगाकर ईट पकाने का कार्य किया जा रहा है उस के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति भी नहीं ली गई है इसके अलावा जितने भी ईट भट्टे दसों ब्लॉक में संचालित हो रहे हैं उनमें से कोई भी व्यक्ति लीगल तरीके से कोयला खरीदने का काम नहीं करता है यदि प्रशासन इनकी के भट्टे पर छापामारी करे तो अवैध तरीके से कोयले के खनन और परिवहन का मामला स्पष्ट हो जाएगा वहीं दूसरी तरफ वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड पाथाखेड़ा की बंद हो चुकी शोभापुर खदान से अवैध तरीके से कोयले की चोरी चोरी करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है कोयला चोरी करके अवैध तरीके से संचालित करने वाले लोग अपने अपने ईट भट्टे पर अवैध तरीके से कोयले का भंडारण करने का कार्य कर रहे हैं जिसकी उचित जांच एक बार होनी चाहिए।

By Vishal

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